हरित सहकार अभियान:सीएम डॉ. यादव बोले- सहकारी समितियों के माध्यम से पूरे प्रदेश में लगाएंगे एक लाख पौधे

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई मोर्चों पर काम कर रही है। इसी कड़ी में विश्व पर्यावरण दिवस पर भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विकास और किसानों के हितों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि 5 जून से 21 जून विश्व योग दिवस तक विशेष पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सहकारी समितियों के माध्यम से प्रदेशभर में एक लाख पौधे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवन दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। इसी उद्देश्य से पर्यावरण दिवस से योग दिवस तक यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
हरित सहकार अभियान की शुरुआत
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने अशोक का पौधा लगाकर प्रदेश में हरित सहकार अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत राज्यभर की सहकारी संस्थाओं और बैंकों में पौधारोपण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेड़ लगाना केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर पौधे लगाए जाएंगे ताकि प्रदेश में हरियाली बढ़े और पर्यावरण संतुलन मजबूत हो सके।
खेती को लाभ का साधन बनाने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है। उनका मानना है कि किसान तभी मजबूत होगा जब उसे उसकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा। इसी सोच के साथ सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने के प्रयास कर रही है। किसानों को बाजार में बेहतर अवसर मिलें और उनकी मेहनत का सही मूल्य तय हो, इसके लिए विभिन्न स्तरों पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
दूध उत्पादन में आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन किसानों की आय का मजबूत आधार बन रहा है। सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को प्रोत्साहित कर रही है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र को और विस्तार देने की योजना बनाई गई है।
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कोलारस में शुगर फैक्ट्री से मिलेगा नया अवसर
गन्ना उत्पादक किसानों के लिए मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि कोलारस क्षेत्र में शुगर फैक्ट्री स्थापित की जाएगी। लंबे समय से इस क्षेत्र के किसान ऐसी सुविधा की मांग कर रहे थे। फैक्ट्री शुरू होने के बाद किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। इससे गन्ना उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सिंचाई सुविधाओं से बढ़ेगा उत्पादन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। विभिन्न जल परियोजनाओं के माध्यम से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही किसानों को दिन के समय बिजली देने की व्यवस्था भी की जा रही है। बेहतर सिंचाई और बिजली मिलने से खेती की लागत कम होगी और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
गन्ना उत्पादक किसानों के लिए मुख्यमंत्री ने कि घोषणा
रिकॉर्ड गेहूं खरीदी से किसानों को फायदा
इस वर्ष प्रदेश में गेहूं खरीदी का आंकड़ा उल्लेखनीय रहा है। सरकार ने बड़ी मात्रा में किसानों से गेहूं खरीदा और उन्हें निर्धारित समर्थन मूल्य के साथ अतिरिक्त लाभ भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान और उचित मूल्य देना सरकार की जिम्मेदारी है। इसके अलावा अन्य फसलों के उत्पादकों को भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राहत और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
सहकारी समितियों में गड़बड़ी पर होगी सख्ती
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सहकारी संस्थाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इसका नुकसान किसानों को नहीं होने दिया जाएगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सहकारी व्यवस्था पारदर्शी और जवाबदेह बनी रहे, ताकि किसानों का विश्वास कायम रहे।
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किसानों की तरक्की से ही प्रदेश का विकास
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का भविष्य किसानों की समृद्धि से जुड़ा हुआ है। कृषि, पशुपालन, सिंचाई और सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति और तेज हो तथा किसानों को हर स्तर पर बेहतर सुविधाएं मिलें। इसी दिशा में आने वाले समय में और भी नई योजनाएं लागू की जाएंगी।











