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Assam Cabinet Expansion :सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की टीम में 12 मंत्री शामिल, अब कुल 17 मंत्री

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। इसमें 12 विधायकों ने मंत्री के रूप में शपथ ली। इस तरह मुख्यमंत्री को मिलाकर मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या 17 हो गई है।
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सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की टीम में 12 मंत्री शामिल, अब कुल 17 मंत्री

गुवाहाटी। असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली नई सरकार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया है। शुक्रवार को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 12 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। इससे पहले 12 मई को मुख्यमंत्री के साथ चार मंत्रियों ने शपथ ली थी। नए विस्तार के बाद राज्य मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत कुल 17 सदस्य हो गए हैं। हालांकि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार असम में अधिकतम 19 मंत्री बनाए जा सकते हैं, ऐसे में अभी दो पद खाली हैं।

भाजपा और सहयोगी दलों को मिला प्रतिनिधित्व 

मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल किए गए 12 नेताओं में 11 भाजपा और एक सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) से हैं। भाजपा की ओर से अश्विनी रे सरकार, अशोक सिंघल, बिमल बोरा, विश्वजीत दैमारी, जयंत मल्लबारुआ, कौशिक राय, कृष्णेंदु पॉल, नीलिमा देवी, पीयूष हजारिका, डॉ. रनोज पेगु और सुसांता बोरगोहेन को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। वहीं एजीपी के वरिष्ठ नेता केशब महंत को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिला। इससे पहले मुख्यमंत्री के साथ भाजपा के रामेश्वर तेली और अजंता नियोग, एजीपी के अतुल बोरा तथा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ ली थी। अब कैबिनेट में भाजपा के 13, एजीपी के 2 और बीपीएफ का 1 मंत्री शामिल है।

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अनुभव और निरंतरता पर रहा जोर 

हिमंत बिस्वा सरमा ने मंत्रिमंडल गठन में अनुभव को भी अहम प्राथमिकता दी है। 17 सदस्यीय कैबिनेट में से 12 मंत्री ऐसे हैं जो मुख्यमंत्री के पहले कार्यकाल में भी सरकार का हिस्सा रह चुके हैं। विश्वजीत दैमारी, जो पिछले कार्यकाल में विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुके हैं, इस बार उन्हें मंत्री बनाया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनुभवी नेताओं को दोबारा जिम्मेदारी देकर सरकार ने स्थिरता और बेहतर प्रशासन का संदेश देने की कोशिश की है।

तीन नए चेहरों को मिला बड़ा अवसर 

कैबिनेट विस्तार में तीन नए चेहरों को शामिल कर भाजपा ने नई पीढ़ी के नेतृत्व को भी आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। अश्विनी रे सरकार, नीलिमा देवी और सुसांता बोरगोहेन पहली बार मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं। इनमें नीलिमा देवी की नियुक्ति सबसे अधिक चर्चा में है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रह चुकी नीलिमा देवी पहली बार विधायक बनी हैं और सीधे मंत्री पद तक पहुंच गई हैं। उन्होंने मंगलदाई विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। उनकी नियुक्ति को महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब असम कैबिनेट में महिला मंत्रियों की संख्या बढ़कर दो हो गई है, जिनमें अजंता नियोग और नीलिमा देवी शामिल हैं।

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भूपेन बोरा समेत को नहीं मिली जगह

कैबिनेट विस्तार का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश उन नेताओं को लेकर माना जा रहा है जिन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। इनमें पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा का नाम प्रमुख है। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए भूपेन बोरा को पार्टी ने टिकट दिया और वे चुनाव जीतने में भी सफल रहे। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने फिलहाल उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी नहीं सौंपी है।

विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन की बड़ी जीत 

असम विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने शानदार प्रदर्शन किया था। 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुआ था और 4 मई को परिणाम घोषित किए गए थे। भाजपा ने अकेले 82 सीटों पर जीत दर्ज की थी। उसके सहयोगी दल बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और असम गण परिषद ने 10-10 सीटें जीती थीं। दूसरी ओर कांग्रेस केवल 19 सीटों पर सिमट गई। एआईयूडीएफ को 2, रायजोर दल और तृणमूल कांग्रेस को एक-एक सीट मिली थी।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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