मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब राहत के संकेत दिखने लगे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान के साथ चल रही बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। इसी के तहत अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को फिलहाल 5 दिनों के लिए रोक दिया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में “गहन और रचनात्मक” बातचीत हुई है।
इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरानी बिजली संयंत्रों और ऊर्जा ढांचे पर सभी सैन्य हमलों को पांच दिन के लिए स्थगित करने का फैसला लिया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि दोनों देश अब टकराव से हटकर समाधान की दिशा में बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष को 22 दिनों से ज्यादा हो चुके हैं। कई बड़े हमलों के बावजूद ईरान ने झुकने के संकेत नहीं दिए हैं। हालांकि अब बातचीत शुरू होने से यह उम्मीद जरूर जगी है कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो सकते हैं।
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यह पूरा टकराव 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया और इजरायल पर भी बड़ी संख्या में मिसाइलें दागीं।
युद्ध के दौरान ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया जिससे ग्लोबल तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा रूट्स में से एक है जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस सप्लाई होती है।
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमला हुआ तो पूरे क्षेत्र के ऊर्जा ठिकाने जवाबी कार्रवाई के निशाने पर होंगे। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे हमलों से तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं।
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ट्रंप का यह कदम और दोनों देशों के बीच जारी बातचीत इस बात का संकेत है कि अब कूटनीतिक समाधान की कोशिश तेज हो रही है। अगर ये वार्ता सफल रहती है तो मिडिल ईस्ट में जारी तनाव कम हो सकता है और ग्लोबल बाजारों को भी राहत मिल सकती है।