शपथ के 48 घंटे में CM विजय का बड़ा एक्शन :मंदिर-स्कूलों और बस स्टैंड के पास नहीं बिकेगी शराब, 2 हफ्ते में बंद होंगी 717 दुकानें

चेन्नई। तमिलनाडु की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री विजय लगातार बड़े फैसले लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। अब विजय सरकार ने राज्य में धार्मिक स्थलों, स्कूल-कॉलेजों और बस स्टैंडों के पास चल रही 717 सरकारी शराब दुकानों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने साफ निर्देश दिए हैं कि मंदिर, मस्जिद, चर्च, शैक्षणिक संस्थानों और बस स्टैंडों के 500 मीटर दायरे में आने वाली सभी TASMAC शराब दुकानों को अगले दो सप्ताह के भीतर बंद किया जाए। सरकार के इस फैसले को सामाजिक सुधार और जनभावनाओं से जुड़ा बड़ा कदम माना जा रहा है।
किन दुकानों पर होगी कार्रवाई?
तमिलनाडु सरकार के मुताबिक, फिलहाल राज्य में कुल 4,765 TASMAC शराब दुकानें संचालित हैं। इनमें से 717 दुकानों की पहचान ऐसे स्थानों पर की गई है जो संवेदनशील इलाकों के बेहद करीब हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार-
- 276 दुकानें धार्मिक स्थलों के पास
- 186 दुकानें स्कूल और कॉलेजों के नजदीक
- 255 दुकानें बस स्टैंड के आसपास
इन जगहों पर स्थित सभी दुकानों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दो हफ्ते में लागू होगा आदेश
मुख्यमंत्री विजय ने तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) को निर्देश दिया है कि इन दुकानों को दो सप्ताह के भीतर हटाया जाए। अधिकारियों को पूरे राज्य में सर्वे कर संवेदनशील इलाकों की पहचान करने को कहा गया था, जिसके बाद यह सूची तैयार हुई। सरकार का कहना है कि, इस फैसले का मकसद शराब बिक्री को नियंत्रित करना और आम लोगों, खासकर महिलाओं और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
महिलाओं और अभिभावकों की मांग पर फैसला
तमिलनाडु में लंबे समय से स्कूलों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों के पास शराब दुकानों को लेकर विरोध होता रहा है। सामाजिक संगठनों, महिलाओं और अभिभावकों की ओर से लगातार मांग उठ रही थी कि, ऐसे स्थानों के पास शराब बिक्री बंद की जाए। अब विजय सरकार ने इस मुद्दे पर बड़ा कदम उठाकर बता दिया है कि, उसकी प्राथमिकता सामाजिक सुधार और जनहित है।
शपथ लेते ही विजय सरकार के बड़े फैसले
विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अभिनेता से नेता बने विजय ने शपथ ग्रहण के कुछ घंटों के भीतर ही कई बड़े फैसले लेकर सभी का ध्यान खींच लिया था।
विजय सरकार के पहले 3 बड़े फैसले
1. 200 यूनिट मुफ्त बिजली
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सरकार ने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का ऐलान किया।
2. ड्रग्स के खिलाफ स्पेशल अभियान
राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) बनाने की मंजूरी दी गई।
3. महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस
सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए विशेष पुलिस बल और गश्त बढ़ाने का फैसला लिया गया।
अब शराब दुकानों को बंद करने का आदेश विजय सरकार के चौथे बड़े सामाजिक फैसले के तौर पर देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर विजय की तारीफ
मुख्यमंत्री विजय के इस फैसले की सोशल मीडिया पर भी जमकर चर्चा हो रही है। कई यूजर्स इसे जनता की भावनाओं को समझने वाला फैसला बता रहे हैं। कुछ लोगों ने लिखा कि, थलापति अब सिर्फ फिल्मों में नहीं, प्रशासन में भी फुल फॉर्म में नजर आ रहे हैं। वहीं विपक्षी दल भी इस फैसले का खुलकर विरोध करने से बचते दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि मामला सीधे जनता की भावनाओं से जुड़ा हुआ है।
TASMAC को लेकर पहले भी होते रहे हैं विरोध
तमिलनाडु में शराब नीति लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा रही है। TASMAC दुकानों को बंद करने की मांग को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन और आंदोलन भी हुए हैं। खासतौर पर धार्मिक स्थलों और स्कूलों के आसपास शराब दुकानों को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जाती रही है। ऐसे में विजय सरकार का यह फैसला राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।
कैसे बनी विजय सरकार?
अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके (TVK) ने हालिया तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 107 सीटों पर जीत हासिल की थी। सरकार बनाने के लिए बहुमत से कम सीटें होने के कारण पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके, सीपीआई, सीपीआई-एम और आईयूएमएल के साथ गठबंधन किया। इसके बाद विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
शपथ समारोह में दिखी विपक्षी एकजुटता
चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता Rahul Gandhi भी शामिल हुए थे। मंच पर विजय और राहुल गांधी के बीच गर्मजोशी देखने को मिली थी। समारोह के बाद विजय ने अपने सहयोगियों के साथ सेल्फी भी ली, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं।
पारंपरिक राजनीति से अलग दिखे विजय
तमिलनाडु की राजनीति में जहां सफेद धोती-कुर्ता आम राजनीतिक पहचान मानी जाती है, वहीं विजय सफेद शर्ट, डार्क पैंट और ब्लेजर में नजर आए। उन्होंने ईश्वर के नाम पर शपथ ली, जो द्रविड़ राजनीति की पुरानी परंपरा से थोड़ा अलग माना जा रहा है।











