नर्मदा सप्लाई में सेंध! अवैध इंटरकनेक्शन पर भड़के लोग-DMA-2 का पानी डायवर्ट करने का आरोप, रहवासियों का सड़क पर प्रदर्शन

इंदौर के विकास नगर स्थित त्रिवेणी टंकी से जुड़े DMA-2 क्षेत्र में अवैध इंटरकनेक्शन और दूषित जल आपूर्ति को लेकर सोमवार को लाला का बगीचा क्षेत्र के रहवासियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बिना अनुमति किए गए अवैध कनेक्शन के कारण क्षेत्र में नर्मदा जल सप्लाई प्रभावित हो रही है और कई घरों में पानी का प्रेशर बेहद कम हो गया है।रहवासियों के अनुसार LNT कंपनी द्वारा विकास नगर में निर्मित त्रिवेणी टंकी से DMA-1 और DMA-2 के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में जल वितरण की व्यवस्था बनाई गई थी। DMA-2 के अंतर्गत लाला का बगीचा, रुस्तम का बगीचा और रूपेश यादव नगर में तय योजना के अनुसार जलप्रदाय किया जा रहा था।
और पढ़ें: 11 साल बाद फिर कटघरे में पुलिस, बदला सिर्फ किरदार? कस्टोडियल डेथ पर दो तस्वीरें, पुलिस पर वही सवाल
आरोप है कि कुछ माह पहले वार्ड 26 के पार्षद लालबहादुर वर्मा द्वारा नेहरू नगर रोड नंबर-5 पर बिना वैधानिक अनुमति 8 इंच का अवैध इंटरकनेक्शन कर पुरानी लाइन को नई लाइन से जोड़ दिया गया। इससे DMA-2 क्षेत्र का पानी नेहरू नगर की ओर डायवर्ट होने लगा और लाला का बगीचा क्षेत्र के कई घरों में जल सप्लाई बाधित हो गई।रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि बैरवा धर्मशाला के पास कालका माता मंदिर के सामने भी अवैध रूप से लाइन जोड़कर नेहरू नगर के करीब 20 मकानों को कनेक्शन दिया गया। इसी प्रकार रुस्तम का बगीचा और रूपेश यादव नगर में भी अवैध लाइन जोड़ने की शिकायत की गई है।
और पढ़ें: MP Tourism : मप्र में एक तिहाई टूरिस्ट सिर्फ ‘जॉय राइड’ के लिए कर रहे हैं हेली सेवा का सफर
दूषित पानी से स्वास्थ्य पर खतरे का आरोप
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुरानी और नई लाइन को जोड़ने से दूषित पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे जल गुणवत्ता प्रभावित हुई है और लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब LNT परियोजना की मूल ड्राइंग में नेहरू नगर शामिल ही नहीं है, तो आखिर किसकी अनुमति से यह इंटरकनेक्शन किया गया।

निगम कर्मियों से मारपीट का आरोप
रहवासियों ने बताया कि 11 मई 2026 को नगर निगम अधिकारियों द्वारा LNT कर्मी जगदीश पाटिल और दो अन्य कर्मचारियों को अवैध इंटरकनेक्शन के वॉल्व का निरीक्षण करने भेजा गया था। आरोप है कि वहां मौजूद पार्षद लालबहादुर वर्मा और उनके साथियों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट कर उन्हें भगा दिया। इसके बावजूद नगर निगम और LNT द्वारा कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की गई।












