नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक हवाई यात्रा पर साफ दिखाई देने लगा है। कई देशों ने अपने एयरस्पेस को सीमित या बंद कर दिया है, जिसके कारण हजारों यात्री पश्चिम एशिया में फंस गए हैं। ऐसे मुश्किल हालात में भारत सरकार और भारतीय एयरलाइंस ने राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। एअर इंडिया, एअर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने मिडिल ईस्ट के कई शहरों के लिए विशेष उड़ानों की घोषणा की है, ताकि यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके और जरूरत पड़ने पर उन्हें वापस लाया जा सके।
मिडिल ईस्ट में हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है। इसके चलते कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिए हैं या उसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
इस स्थिति का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है। कई फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा या उनका रूट बदलना पड़ा, जिससे हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं। भारत और पश्चिम एशिया के बीच बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं, इसलिए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और आवाजाही सुनिश्चित करना सरकार के लिए प्राथमिकता बन गया है। इसी को देखते हुए भारतीय विमानन कंपनियों ने चरणबद्ध तरीके से उड़ानों को फिर से शुरू करने और अतिरिक्त फ्लाइट्स चलाने की योजना बनाई है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस पश्चिम एशिया से आने-जाने के लिए कुल 58 शेड्यूल और नॉन-शेड्यूल उड़ानों का संचालन करने जा रही हैं। एअर इंडिया ग्रुप ने अपने बयान में बताया कि, यात्रियों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की गई है। हालांकि, इन उड़ानों का संचालन एयरपोर्ट स्लॉट की उपलब्धता और नियामकीय अनुमति मिलने पर निर्भर करेगा।
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के लिए 36 अतिरिक्त उड़ानें भी संचालित कर सकती हैं, जिन्हें परिस्थितियों के अनुसार शेड्यूल किया जाएगा। एयरलाइन का कहना है कि, इन उड़ानों का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित यात्रा विकल्प देना और जरूरत पड़ने पर निकासी सहायता उपलब्ध कराना है।
एअर इंडिया ने भारत और सऊदी अरब के बीच यात्रियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए दिल्ली और मुंबई से जेद्दा के लिए विशेष राउंड-ट्रिप उड़ानों की घोषणा की है। इसके अलावा एअर इंडिया एक्सप्रेस भी जेद्दा के लिए अतिरिक्त सेवाएं शुरू कर रही है।
इनमें शामिल हैं-
दोनों रूट पर एक-एक राउंड-ट्रिप फ्लाइट संचालित की जाएगी। इससे उन यात्रियों को राहत मिलेगी जो पिछले कुछ दिनों से यात्रा के लिए इंतजार कर रहे थे।
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने ओमान के मस्कट के लिए अपनी निर्धारित उड़ानें जारी रखने का फैसला किया है।
इन उड़ानों में शामिल हैं-
कुल मिलाकर मस्कट के लिए 14 उड़ानों का संचालन किया जाएगा।
एयरलाइन ने कहा है कि, मस्कट इंटरनेशनल एयरपोर्ट को वैकल्पिक हवाई अड्डे के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है, ताकि अन्य एयरपोर्ट पर प्रतिबंध होने की स्थिति में उड़ानों का संचालन जारी रखा जा सके।
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भारत की सबसे बड़ी लो-कॉस्ट एयरलाइन इंडिगो ने भी घोषणा की है कि, वह 11 मार्च से मिडिल ईस्ट के 8 अलग-अलग शहरों के लिए उड़ानें शुरू करेगी। इसके अलावा कुछ यूरोपीय रूट्स पर भी सीमित उड़ानों का संचालन किया जाएगा। इंडिगो के अनुसार, उड़ानों को धीरे-धीरे सामान्य किया जाएगा और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसी क्रम में इंडिगो ने मुंबई-रियाद-मुंबई रूट पर भी उड़ानें संचालित करने की योजना बनाई है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया से भारत के बीच उड़ानों की मांग लगातार बनी हुई है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 9 मार्च को भारतीय एयरलाइंस ने 45 उड़ानें संचालित कीं। इन उड़ानों से 7,047 यात्री भारत पहुंचे। यह आंकड़ा दिखाता है कि, मौजूदा संकट के बावजूद भारत और पश्चिम एशिया के बीच यात्रा पूरी तरह बंद नहीं हुई है, बल्कि सावधानी के साथ जारी है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइंस को उड़ानों के संचालन में मदद करने के लिए विशेष अनुमति दी है। DGCA ने संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर अतिरिक्त आगमन और प्रस्थान स्लॉट उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा कुछ एयरपोर्ट को वैकल्पिक एयरपोर्ट के रूप में उपयोग करने की अनुमति भी दी गई है।
इनमें शामिल हैं-
इन उड़ानों के लिए मस्कट इंटरनेशनल एयरपोर्ट को वैकल्पिक हवाई अड्डा बनाया गया है।
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नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि, वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लें। मिडिल ईस्ट की स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव संभव है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि, यात्रा से पहले एयरलाइन वेबसाइट या हेल्पलाइन से जानकारी लें। एयरपोर्ट पर समय से पहले पहुंचें। वैकल्पिक यात्रा योजना तैयार रखें। इससे यात्रा के दौरान होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए अन्य भारतीय एयरलाइंस भी अपने ऑपरेशन की समीक्षा कर रही हैं।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि, जरूरत पड़ने पर यात्रियों को तुरंत यात्रा का विकल्प मिल सके।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब टिकट कीमतों पर भी दिखने लगा है। एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घोषणा की है कि, 12 मार्च से घरेलू टिकटों पर 399 रुपए का अतिरिक्त सरचार्ज लगाया जाएगा।
एयरलाइन का कहना है कि,
इसी कारण यह सरचार्ज लागू किया जा रहा है। हालांकि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
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नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने साफ किया है कि मौजूदा संकट के बावजूद यात्रियों से अत्यधिक किराया नहीं लिया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, टिकट कीमतों की लगातार निगरानी की जा रही है। एयरलाइंस को अनावश्यक किराया बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर नियामकीय हस्तक्षेप भी किया जा सकता है। सरकार का कहना है कि, यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी आर्थिक सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।
भारत और पश्चिम एशिया के बीच हवाई यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है। इसके पीछे कई कारण हैं-
ऐसे में उड़ानों का पूरी तरह बंद होना न केवल यात्रियों बल्कि व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकता है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि, वह पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। मंत्रालय के अनुसार, एयरलाइंस के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त उड़ानें शुरू की जा सकती हैं। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।