डिंडौरी जिले के डोम दादर गांव के प्राथमिक स्कूल में मिड-डे मील शौचालय के अंदर बनाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। जिसके बाद जिले में हड़कंप मच गया, इस मामले को पीपुल्स समाचार ने गंभीरता से उठाया था। शनिवार को पीपुल्स समाचार में यह प्रकाशित प्रकाशित की गई थी। जिसके बाद कलेक्टर ने मामले में एक्शन लिया है।
जिसमें शनिवार को अधिकारियों की जांच में शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद भोजन बनाने की व्यवस्था तत्काल स्कूल भवन में स्थानांतरित कर दी गई। गौरतलब हो कि, कलेक्टर, डिंडौरी द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मीड- डे मील भोजन निर्माण निर्धारित मानकों एवं स्वच्छता के अनुरूप ही किया जाए। जांच में सामने आया कि स्कूल का किचन शेड तीन वर्ष पहले जर्जर हो गया था।
इसके बाद भोजन एक निजी मकान में बनाया जा रहा था, लेकिन गैस सिलेंडर चोरी होने के बाद ग्राम पंचायत के सरपंच मनोज कुमार मार्को और सचिव बलराम सैयाम ने रसोइयों को स्वच्छता परिसर (शौचालय) में भोजन बनाने के निर्देश दिए। दिसंबर माह से करीब 30 बच्चों के लिए यहीं भोजन तैयार हो रहा था।
गौरतलब है कि इस पूरे मामले को पीपुल्स समाचार ने 29 मार्च को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले को गंभीरता से लेते हुए जनजातीय कार्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। विभाग के सहायक आयुक्त ने जांच के बाद प्राथमिक शिक्षक माधो सिंह परस्ते और जनशिक्षक सुरेश परस्ते को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रथम दृष्टया लापरवाही और अनियमितताओं के आधार पर की गई है।

वहीं मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए अन्य अधिकारियों पर भी सख्ती दिखाई गई है। प्रभारी संकुल प्राचार्य श्याम गुप्ता, बीआरसी गुरु प्रसाद साहू और विकासखंड शिक्षा अधिकारी एम.के. राय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन सभी अधिकारियों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
प्रशासन का कहना है कि जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मामले को लेकर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि, ग्राम डोमदादर, विकासखंड शहपुरा स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में मध्याह्न भोजन निर्माण को लेकर प्राप्त शिकायत के संबंध में प्रशासन द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए मौके पर जांच कराई गई। जांच में यह तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आया कि मध्याह्न भोजन का निर्माण शौचालय में नहीं किया जा रहा था। बल्कि एक निर्माणाधीन भवन, जो अभी पूर्ण रूप से निर्मित नहीं है एवं उपयोग में भी नहीं लिया गया है, वहाँ केवल सामग्री रखी गई थी।
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जैसे ही यह तथ्य संज्ञान में आया, तत्काल प्रभाव से सरपंच ने मध्याह्न भोजन निर्माण को अस्थाई व्यवस्था कर एक उपयुक्त, स्वच्छ एवं सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया।
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प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संकुल प्राचार्य कछारी श्यामजी गुप्ता, विद्यालय के संस्था प्रमुख माधव सिंह परस्ते, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुभद्रा भवेदी एवं सरपंच मनोज मार्को के विरुद्ध आवश्यक अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
अंजू पवन भदौरिया, कलेक्टर, डिंडौरी