AI के लिए Meta का बड़ा दांव :भारत में भी नौकरी पर गिरी गाज; सुबह-सुबह आया लेऑफ मेल

भारत Meta के लिए बड़ा बाजार है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के करोड़ों यूजर्स भारत में हैं। ऐसे में भारत दफ्तर में हुई छंटनी इस बात का संकेत देती है कि ग्लोबल टेक कंपनियां अब सिर्फ कारोबार बढ़ाने पर नहीं,
भारत में भी नौकरी पर गिरी गाज; सुबह-सुबह आया लेऑफ मेल

सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) ने अपने वैश्विक पुनर्गठन के तहत भारत में भी कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में करीब एक दर्जन कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है। प्रभावित कर्मचारियों को किसी मीटिंग या पहले से चेतावनी देने के बजाय तड़के ईमेल भेजकर इसकी जानकारी दी गई।

भारत में Meta के करीब 400 कर्मचारी काम करते हैं। इस छंटनी का असर खासतौर पर एड सेल्स, मार्केटिंग और कुछ इंडिविजुअल कंट्रीब्यूटर रोल्स पर पड़ा है।

4 बजे भेजा मेल 

जानकारी के अनुसार, Meta ने अपने ग्लोबल प्लान के तहत कर्मचारियों को सुबह करीब 4 बजे ईमेल भेजकर नौकरी खत्म होने की सूचना दी। कई कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें पहले कोई बातचीत, संकेत या चेतावनी नहीं दी गई थी। कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों को लगभग 4 से 6 महीने की सैलरी के बराबर सेवरेंस पैकेज ऑफर किया है।

क्यों छंटनी कर रही है कंपनी ?

Meta इस समय बड़े स्तर पर अपने बिजनेस मॉडल को बदल रही है। कंपनी दुनिया भर में करीब 8 हजार नौकरियां खत्म कर रही है, जो उसके कुल वैश्विक वर्कफोर्स का लगभग 10% माना जा रहा है। इसके साथ ही कंपनी करीब 7 हजार कर्मचारियों को AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े प्रोजेक्ट्स में शिफ्ट कर रही है। Meta का फोकस अब तेजी से AI टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन और कम मैनेजमेंट लेयर्स वाले स्ट्रक्चर पर है।

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भारत के लिए क्यों जरूरी है?

भारत Meta के लिए बड़ा बाजार है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के करोड़ों यूजर्स भारत में हैं। ऐसे में भारत दफ्तर में हुई छंटनी इस बात का संकेत देती है कि ग्लोबल टेक कंपनियां अब सिर्फ कारोबार बढ़ाने पर नहीं, बल्कि कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा टेक-ड्रिवन मॉडल अपनाने पर जोर दे रही हैं।

यह खबर इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में गूगल, अमेजॉन, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कई टेक कंपनियां भी बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की कटौती कर चुकी हैं।

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क्या भारत में दिखेगा बड़ा असर ?

फिलहाल भारत में छंटनी का दायरा सीमित बताया जा रहा है और संख्या बहुत बड़ी नहीं है। हालांकि, यह संकेत जरूर है कि आने वाले समय में टेक सेक्टर में नौकरियों की प्रकृति बदल सकती है। AI के बढ़ते इस्तेमाल के कारण सेल्स, मार्केटिंग और सपोर्ट जैसी भूमिकाओं में दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।यानी, टेक इंडस्ट्री में अब सिर्फ भर्ती नहीं, बल्कि स्किल बदलाव और AI-तैयारी सबसे बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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