PlayBreaking News

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द : दिल्ली में चुनाव आयोग दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस के दिग्गज

मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर में धरना देने पहुंच गए। इनमें जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, राजेश पायलट समेत अन्य उपस्थित रहे।
Follow on Google News
दिल्ली में चुनाव आयोग दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस के दिग्गज

नई दिल्ली। राज्यसभा उम्मीदवार के नामांकन रद्द होने के विरोध में कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग पहुंचा, लेकिन वहां उन्हें अंदर प्रवेश नहीं मिलने का आरोप लगाया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ बताते हुए आयोग के रवैये पर सवाल खड़े किए।

जयराम रमेश ने जताई नाराजगी 

कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि वे केवल अपनी याचिका सौंपने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें आयोग के परिसर में उचित सुविधा तक नहीं दी गई। उनका आरोप है कि उन्हें प्रतीक्षा कक्ष में बैठने की भी अनुमति नहीं मिली और काफी देर तक इंतजार कराया गया। रमेश ने कहा कि तीन दशक से अधिक समय के संसदीय जीवन में उन्होंने ऐसा व्यवहार पहले कभी नहीं देखा।

Twitter Post

धरने पर बैठे केसी वेणुगोपाल 

कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने मामले को लोकतंत्र से जुड़ा बुनियादी मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि जब तक प्रतिनिधिमंडल को आयोग के अधिकारियों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती, तब तक वे वहीं बैठे रहेंगे। प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद शामिल थे, फिर भी उन्हें मिलने का समय नहीं दिया गया।

मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर उठे सवाल 

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ न तो कोई एफआईआर दर्ज है और न ही किसी अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया है। इसके बावजूद उनका नामांकन खारिज कर दिया गया। कांग्रेस का कहना है कि नामांकन रद्द करने के पीछे कोई ठोस और कानूनी आधार नहीं बताया गया।

ये भी पढ़ें: MP Rajya Sabha Election : अब बिना लड़े ही भाजपा के तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट जाएंगे राज्यसभा

पहले से दी थी सूचना, फिर भी नहीं हुई सुनवाई 

कांग्रेस नेताओं का दावा है कि उन्होंने निर्वाचन आयोग को दो घंटे पहले ही लिखित रूप से अपने आने की जानकारी दे दी थी। इसके बावजूद प्रतिनिधिमंडल को आयोग के भीतर प्रवेश नहीं दिया गया। पार्टी का आरोप है कि उनकी शिकायत सुनने के बजाय उन्हें बाहर ही रोक दिया गया।

सचिन पायलट ने भी लगाए गंभीर आरोप 

Twitter Post

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि जिस सीट पर पार्टी जीत की उम्मीद कर रही थी, उसी सीट के उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग में कोई अधिकारी मिलने के लिए उपलब्ध नहीं था। पायलट ने इसे अभूतपूर्व मामला बताते हुए कहा कि केवल एक नोटिस के आधार पर किसी राज्यसभा उम्मीदवार का नामांकन रद्द करना बेहद असामान्य है, खासकर तब जब उम्मीदवार के खिलाफ कोई एफआईआर या कानूनी मामला दर्ज न हो।

राजनीतिक विवाद ने पकड़ा तूल 

इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस और निर्वाचन आयोग के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। पार्टी इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का मामला बता रही है, जबकि नामांकन रद्द होने के कारणों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है।

चुनाव आयोग ने मिलने का समय दिया

/img/89/1781020497518

कांग्रेस नेताओं के धरने के बाद चुनाव आयोग ने 10 जून को दोपहर 12 बजे कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधि मंडल को मिलने का समय दिया है। यह बैठक निर्वाचन सदन में होगी। 

भोपाल में भी कांग्रेस नेताओं ने धरना दिया

/img/89/1781023657999

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द होने पर भोपाल में भी कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग के अरेरा हिल्स स्थित कार्यालय पहुंचकर धरना दिया। इस अवसर पर प्रभारी महासचिव हरीश चौधरी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हमारी लड़ाई जारी रहेगी। 

/img/89/1781023705690

 निर्वाचन आयोग के कार्यालय के गेट पर धरना देते कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts