मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द : दिल्ली में चुनाव आयोग दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस के दिग्गज

नई दिल्ली। राज्यसभा उम्मीदवार के नामांकन रद्द होने के विरोध में कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग पहुंचा, लेकिन वहां उन्हें अंदर प्रवेश नहीं मिलने का आरोप लगाया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ बताते हुए आयोग के रवैये पर सवाल खड़े किए।
जयराम रमेश ने जताई नाराजगी
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि वे केवल अपनी याचिका सौंपने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें आयोग के परिसर में उचित सुविधा तक नहीं दी गई। उनका आरोप है कि उन्हें प्रतीक्षा कक्ष में बैठने की भी अनुमति नहीं मिली और काफी देर तक इंतजार कराया गया। रमेश ने कहा कि तीन दशक से अधिक समय के संसदीय जीवन में उन्होंने ऐसा व्यवहार पहले कभी नहीं देखा।
धरने पर बैठे केसी वेणुगोपाल
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने मामले को लोकतंत्र से जुड़ा बुनियादी मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि जब तक प्रतिनिधिमंडल को आयोग के अधिकारियों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती, तब तक वे वहीं बैठे रहेंगे। प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद शामिल थे, फिर भी उन्हें मिलने का समय नहीं दिया गया।
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर उठे सवाल
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ न तो कोई एफआईआर दर्ज है और न ही किसी अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया है। इसके बावजूद उनका नामांकन खारिज कर दिया गया। कांग्रेस का कहना है कि नामांकन रद्द करने के पीछे कोई ठोस और कानूनी आधार नहीं बताया गया।
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पहले से दी थी सूचना, फिर भी नहीं हुई सुनवाई
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि उन्होंने निर्वाचन आयोग को दो घंटे पहले ही लिखित रूप से अपने आने की जानकारी दे दी थी। इसके बावजूद प्रतिनिधिमंडल को आयोग के भीतर प्रवेश नहीं दिया गया। पार्टी का आरोप है कि उनकी शिकायत सुनने के बजाय उन्हें बाहर ही रोक दिया गया।
सचिन पायलट ने भी लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि जिस सीट पर पार्टी जीत की उम्मीद कर रही थी, उसी सीट के उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग में कोई अधिकारी मिलने के लिए उपलब्ध नहीं था। पायलट ने इसे अभूतपूर्व मामला बताते हुए कहा कि केवल एक नोटिस के आधार पर किसी राज्यसभा उम्मीदवार का नामांकन रद्द करना बेहद असामान्य है, खासकर तब जब उम्मीदवार के खिलाफ कोई एफआईआर या कानूनी मामला दर्ज न हो।
राजनीतिक विवाद ने पकड़ा तूल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस और निर्वाचन आयोग के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। पार्टी इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का मामला बता रही है, जबकि नामांकन रद्द होने के कारणों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है।
चुनाव आयोग ने मिलने का समय दिया

कांग्रेस नेताओं के धरने के बाद चुनाव आयोग ने 10 जून को दोपहर 12 बजे कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधि मंडल को मिलने का समय दिया है। यह बैठक निर्वाचन सदन में होगी।
भोपाल में भी कांग्रेस नेताओं ने धरना दिया

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द होने पर भोपाल में भी कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग के अरेरा हिल्स स्थित कार्यालय पहुंचकर धरना दिया। इस अवसर पर प्रभारी महासचिव हरीश चौधरी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हमारी लड़ाई जारी रहेगी।

निर्वाचन आयोग के कार्यालय के गेट पर धरना देते कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता












