MP Rajya Sabha Election :अब बिना लड़े ही भाजपा के तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट जाएंगे राज्यसभा

भ्राेपाल। राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए दाखिल कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया है। भाजपा ने आपराधिक केस छुपाने को लेकर आपत्ति जताई थी। इसके बाद अब भाजपा के तीनों प्रत्याशी राज्यसभा के लिए चुने जाएंगे। हालांकि कांग्रेस ने इस आपत्ति पर विरोध जताया था लेेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने भाजपा की आपत्ति को सही माना और मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया है।
अब नहीं होगी वोटिंग
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द होते ही अब भाजपा के तीनों प्रत्याशियों का राज्यसभा जाना तय हो गया है। अगर मीनाक्षी नटराजन मुकाबले में होतीं तो 18 जून को मतदान होता। मतदान की स्थिति में भाजपा के पास जीतने के लिए पर्याप्त वोट नहीं थे।जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत थी, जबकि भाजपा के पास 48 विधायक ही थे। ऐसे में भाजपा को 10 विधायकों की जरूरत पड़ती लेकिन ऐसी नौबत ही नहीं आई।
चुघ, अग्रवाल और केवट जाएंगे राज्यसभा
भाजपा ने अपनी पहली सूची में राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ, भाजपा के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल और मप्र मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को प्रत्याशी बनाया था। अब तीनों राज्यसभा सांसद चुने जाएंगे
मुख्यमंत्री, पटेल, विजयवर्गीय और सिंह ने संभाली थी कमान
भाजपा के तीसरे प्रत्याशी को विजयी बनाने के लिए खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह ने कमान संभाली थी। संगठन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी इस पूरी प्रक्रिया में शामिल थे। हालांकि खंडेलवाल ने एक दिन पहले ही स्पष्ट बोल दिया था कि हमने वोट के लिए किसी से संपर्क नहीं किया है।
कांग्रेस विधायकों का विमान वापस लौटा
वोटिंग को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस अपने विधायकों की बाड़ाबंदी कर रही थी। कांग्रेस विधायकों का प्लेन बेंगलुरु के लिए पहले तो तीन घंटे बाद आपत्ति मिलने पर उड़ा था, लेकिन कुछ देर बाद ही उसे वापस बुला लिया गया। इस प्लेन में भाजपा के करीब 35 विधायक और उनके परिजन शामिल थे।
नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं : सिंघार
इस मामले को लेकर विधानसभा परिसर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। रिटर्निंग अधिकारी के कक्ष में कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा की आपत्ति को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, बल्कि उन्हें केवल कोर्ट से एक नोटिस मिला है। उमंग सिंघार ने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार केवल दर्ज मामलों की जानकारी नामांकन पत्र में देना जरूरी होता है। नोटिस मिलने की स्थिति में जानकारी देना अनिवार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राजनीतिक उद्देश्य से अनावश्यक आपत्ति लगाई












