CSP नेहा पच्चीसिया समेत 3 आरोपियों की जमानत खारिज, अब संपत्ति पर शिकंजा! कटनी जमीन विवाद में कोर्ट की नजर

कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी में सामने आए जमीन विवाद मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद अब कानूनी प्रक्रिया और आगे बढ़ती नजर आ रही है। कन्हवारा गांव की जमीन से जुड़े इस मामले में निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बरापत्रे और मारूफ अहमद हनफी आरोपी हैं। तीनों की अग्रिम जमानत अर्जियां जिला अदालत से खारिज हो चुकी हैं। आरोपियों के फरार होने का दावा करते हुए फरियादी पक्ष ने अब उनकी संपत्ति कुर्क करने की मांग अदालत के सामने रखी है। इस आवेदन पर कोर्ट का फैसला मामले की आगे की कार्रवाई के लिए अहम माना जा रहा है।
1.07 करोड़ की जमीन डील ने बढ़ाई मुश्किल
मामला कटनी के कन्हवारा गांव स्थित खसरा नंबर 2618/1 की जमीन से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, 15 अप्रैल 2026 को जमीन की रजिस्ट्री मारूफ अहमद हनफी के नाम कराई गई थी। जमीन की कीमत करीब 1.07 करोड़ रुपये बताई गई है। फरियादी पक्ष का आरोप है कि इस सौदे में दबाव बनाकर लेन-देन कराया गया। जांच के दौरान करीब 15 लाख रुपये के बैंक ट्रांजैक्शन की कड़ी भी सामने आने की बात कही गई है।
तीनों आरोपियों की जमानत हो चुकी खारिज
इस मामले में निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बरापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। फरियादी पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार, तीनों आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत मांगी थी लेकिन जिला अदालत ने उनकी अर्जियां खारिज कर दीं। नेहा की याचिका BA/821/2026, क्षितिज की BA/822/2026 और मारूफ की BA/856/2026 बताई गई है।
फरार आरोपियों की संपत्ति पर नजर
अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद आरोपियों के फरार होने का दावा किया जा रहा है। इसी आधार पर फरियादी आकाश लोधी के अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने जिला अदालत में आवेदन पेश किया है। इसमें BNSS की धारा 84 से 88 के तहत कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई है। प्रक्रिया के तहत पहले फरार आरोपियों के खिलाफ इश्तहार जारी किया जा सकता है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।
नेहा ने हाई कोर्ट में भी लगाई गुहार
मामले में निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया ने FIR को रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। उनकी याचिका WP-37216-2026 बताई गई है। हालांकि, जरूरी दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण फिलहाल इस याचिका पर सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। ऐसे में उन्हें हाई कोर्ट से अभी कोई राहत नहीं मिली है।
अब कोर्ट के अगले आदेश पर नजर
जमीन विवाद में फरार बताए जा रहे आरोपियों के खिलाफ संपत्ति कुर्की की मांग के बाद अब सभी की नजर अदालत की अगली कार्रवाई पर है। यदि कोर्ट आवेदन पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आदेश देता है, तो आरोपियों की तलाश के साथ उनकी संपत्ति को लेकर भी कार्रवाई शुरू हो सकती है। मामले में आगे क्या फैसला आता है, यह अदालत के आदेश के बाद साफ होगा।



















