ममता बनर्जी का पार्टी चिह्न को लेकर सख्त रुख:बागियों पर किया तीखा हमला, कहा- मुझे रोकना है तो मारना पड़ेगा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में सियासी घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी अंदरूनी बगावत के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी का चुनाव चिह्न कहीं नहीं जाएगा। ममता बनर्जी ने कहा अगर मुझे रोकना है तो मुझे मारना पड़ेगा। उन्होंने बागी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो खुलकर भाजपा में शामिल हो जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी उनकी आवाज को दबा नहीं सकता।
ममता बोलीं- गद्दारी की भी सीमा होती है
ममता बनर्जी ने बागी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अब खुलकर भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, गद्दारी की भी एक सीमा होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उन्हें लगता है कि वे खत्म हो गई हैं। ममता ने कहा कि वह जनता के बीच पार्टी के चुनाव चिह्न के साथ जाएंगी और पार्टी को कमजोर नहीं होने देंगी।
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TMC में बड़ी टूट
जानकारी के मुताबिक, पार्टी में बड़ी टूट देखने को मिली है। 3 जून को 80 में से 58 विधायकों ने अलग गुट बना लिया था। वहीं 20 सांसदों ने भी पार्टी छोड़कर अलग राजनीतिक रास्ता अपनाया है। हालांकि ये सभी नेता अभी तक औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं लेकिन राजनीतिक हलचल तेज है।
पार्टी संगठन में बदलाव और बढ़ता विवाद
इसी बीच पार्टी संगठन में भी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। पश्चिम बंगाल TMC अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद वह बागी गुट के साथ नजर आईं। बागी गुट ने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुनते हुए नया संगठनात्मक ढांचा भी तैयार किया है।
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लोकसभा और विधानसभा में घटा TMC का आंकड़ा
वर्तमान स्थिति में TMC के पास लोकसभा में सिर्फ 8 सांसद बचे हैं, जबकि पहले 28 सांसद थे। राज्यसभा में भी संख्या घटकर 9 रह गई है। विधानसभा में 80 में से 58 विधायक अलग गुट में चले गए हैं, जिससे पार्टी के पास अब केवल 22 विधायक ही बचे हैं।












