रूबी का आखिरी फोन बना सबसे बड़ा सुराग?जानिए आगरा के डरावने बाथरूम कांड की पूरी टाइमलाइन और अब तक की जांच

पुलिस के अनुसार 18 मई को सुरेंद्र शर्मा की हत्या की गई और इसके बाद पूरे घटनाक्रम को प्लॉनिंग के तहत छिपाने की कोशिश की गई। परिवार और पुलिस को गुमराह करने के लिए अलग-अलग कहानियां सुनाई गईं, जबकि शव घर के बाथरूम के नीचे दफन था। जांच के दौरान परिवार को लगातार शक बना रहा और आखिरकार 3 जुलाई को आरोपी के कथित खुलासे के बाद मामला सामने आ गया। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
18 मई की फोन कॉल बनी पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी
मृतक सुरेंद्र शर्मा के बड़े भाई अनिल शर्मा के अनुसार 18 मई की सुबह रूबी का फोन आया था। उसने कहा कि घर में पुलिस का कोई मामला हो गया है, इसलिए मां और दोनों बच्चियों को अपने साथ ले जाएं। साथ ही उसने यह भी कहा कि घर के अंदर मत आना, बच्चों को बाहर से ही ले जाना। उस समय इस बात पर किसी ने विशेष ध्यान नहीं दिया, लेकिन अब माना जा रहा है कि वह किसी को घर के भीतर नहीं आने देना चाहती थी। बाद में यही फोन कॉल पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बनकर सामने आई।
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पुलिस के अनुसार 18 मई को हुई थी हत्या
पुलिस जांच के मुताबिक, इसी दिन सुरेंद्र शर्मा की हत्या की गई। पूछताछ में रूबी ने कथित तौर पर बताया कि उसने पहले पति को खीर में 15 से 16 नींद की गोलियां मिलाकर खिलाईं। जब वह बेसुध हो गया तो उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस का कहना है कि यहीं से उस साजिश की शुरुआत हुई, जिसने अगले डेढ़ महीने तक सभी को गुमराह किए रखा। पूरे घटनाक्रम की पुष्टि के लिए पुलिस अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
19 मई को शव दफनाया और फर्श ऊंचा कराया!
पुलिस के अनुसार अगले दिन रूबी ने दोनों बेटियों और सास को जेठ के घर भेज दिया। पूछताछ में उसने बताया कि इसके बाद उसने अकेले शव को घसीटकर बाथरूम तक पहुंचाया और पहले से तैयार गड्ढे में दफना दिया। इसके बाद ऊपर मिट्टी डालकर उसे समतल किया गया। फिर एक राजमिस्त्री को बुलाकर बाथरूम का फर्श ऊंचा कराने का काम कराया गया। मिस्त्री ने पुलिस को बताया कि रूबी खुद मलबा डाल रही थी और उसने किसी अतिरिक्त मजदूर की जरूरत से भी इनकार कर दिया था।
रूबी बयान बदलकर पुलिस को करती रही गुमराह
26 मई को सुरेंद्र शर्मा की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। रूबी लगातार यही कहती रही कि पति झगड़ा करके घर छोड़कर चले गए हैं और जल्द वापस लौट आएंगे। पुलिस के मुताबिक वह जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज भी देखती रही और रिश्तेदारों के सामने पति की चिंता जताती रही। कभी वह कहती कि सुरेंद्र पैसे लेकर गए हैं, तो कभी उनके जल्द लौटने की बात करती थी। इस दौरान उसके अलग-अलग बयान पुलिस के संदेह का कारण भी बने।
परिवार को लगातार था शक, बैंक रिकॉर्ड भी खंगाले
मृतक के बड़े भाई अनिल शर्मा ने बताया कि उन्हें लगातार महसूस हो रहा था कि रूबी कुछ छिपा रही है। उन्होंने बैंक स्टेटमेंट निकलवाए और घटनाक्रम को जोड़कर समझने की कोशिश की। उन्होंने रूबी से यह भी कहा कि यदि कोई परेशानी है तो सच बता दे, उसे कुछ नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस का मानना है कि इसी दौरान मानसिक दबाव बढ़ने से पूरे मामले की दिशा बदलने लगी। परिवार का लगातार बना संदेह इस केस की जांच में अहम साबित हुआ।
3 जुलाई को खुला बाथरूम के नीचे दफन शव का राज
करीब 45 दिन बाद 3 जुलाई को रूबी ने अनिल शर्मा को फोन कर घर बुलाया। जब उन्होंने सुरेंद्र के बारे में पूछा तो पहले जवाब मिला कि वह घर में हैं। इसके बाद रूबी ने कहा कि वह बाथरूम में हैं और फिर बताया कि फर्श के नीचे दफन हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बाथरूम का सीमेंट तोड़कर नीचे से सुरेंद्र शर्मा का शव बरामद किया। शव काफी पुराना होने के कारण पूरी तरह गल चुका था, जिसके बाद फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।
अब भी कई सवालों के जवाब तलाश रही है पुलिस
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में रूबी ने हत्या की बात कबूल करने का दावा किया है, लेकिन जांच अभी पूरी नहीं हुई है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस हत्या में कोई और भी शामिल था। गड्ढा किसने खोदा, शव को दफनाने में किसी ने मदद की या नहीं और हत्या की वास्तविक वजह क्या थी, इन सभी बिंदुओं की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












