West Bengal :ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देंगी तो ये करना पड़ेगा, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील ने बताया कानूनी रास्ता

जानकारों के अनुसार, विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद सरकार का बने रहना संभव नहीं होता। ऐसे में राज्यपाल के पास यह अधिकार होता है कि वे विधानसभा को भंग कर नई सरकार के गठन का रास्ता साफ करें। 
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ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देंगी तो ये करना पड़ेगा, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील ने बताया कानूनी रास्ता

कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में हार के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे राज्य में संवैधानिक संकट जैसी स्थिति बनती दिख रही है। मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। और वे इस्तीफा किसी भी हाल में नहीं देंगी।

राज्यपाल क्या करेंगे आगे?

विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद यह माना जा रहा था कि हार के चलते ममता बनर्जी इस्तीफा देंगी। लेकिन उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कर दिया कि वे पद नहीं छोड़ेंगी।

इस बीच राज्यपाल की भूमिका अहम हो गई है, क्योंकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को खत्म हो रहा है। ऐसे में संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हो गई है।

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मैं राजभवन नहीं जाऊंगी- ममता 

ममता बनर्जी ने कहा कि नैतिक रूप से उनकी जीत हुई है, इसलिए इस्तीफा देने का कोई सवाल नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे राजभवन नहीं जाएंगी और पार्टी नेताओं के साथ आगे की रणनीति तय करेंगी। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब वे “अत्याचार” बर्दाश्त नहीं करेंगी और जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतरेंगी।

मेरी लड़ाई EC से

ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका मुकाबला बीजेपी से नहीं बल्कि भारत निर्वाचन आयोग से था। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग ने बीजेपी के पक्ष में काम किया।

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सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील ने बताया रास्ता

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देती हैं, तो उन्हें पद से हटाया जा सकता है।
जेठमलानी के मुताबिक, अगर कोई मुख्यमंत्री जबरन पद पर बना रहता है तो राज्यपाल संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कार्रवाई कर सकते हैं।

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क्या है संविधान के नियम?

जानकारों के अनुसार, विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद सरकार का बने रहना संभव नहीं होता। ऐसे में राज्यपाल के पास यह अधिकार होता है कि वे विधानसभा को भंग कर नई सरकार के गठन का रास्ता साफ करें। अगर मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब भी राज्यपाल सरकार को बर्खास्त कर सकते हैं।

भवानीपुर में 15 हजार वोटों से हारी ममता

चुनाव नतीजों के मुताबिक, भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा। यह सीट उनका पारंपरिक गढ़ मानी जाती रही है, इसलिए इस हार को राजनीतिक रूप से बड़ा झटका माना जा रहा है। उनकी हार के बाद ही इस्तीफे को लेकर दबाव बढ़ा, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि वे पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।

मौजूदा हालात में पश्चिम बंगाल में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है। अगर संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होती है, तो राज्य में नई सरकार के गठन या राष्ट्रपति शासन जैसे विकल्प सामने आ सकते हैं।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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