दिनदहाड़े किडनैपिंग पर ताबड़तोड़ एक्शन: पुलिस जवानों ने चंद घंटों में दबोचे आरोपी

इंदौर - सरवटे बस स्टैंड पर मामूली विवाद ने देखते ही देखते खतरनाक रूप ले लिया। बस टाइमिंग और सवारी बैठाने को लेकर शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ा कि मामला अपहरण और मारपीट तक जा पहुंचा, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी । जानकारी के अनुसार, पास संचालन और सवारी बैठाने को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए। विवाद इतना उग्र हुआ कि आकाश सिलावट को तीन आरोपियों ने जबरन पकड़कर कार में बैठाया और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और बिना समय गंवाए कार्रवाई शुरू कर दी। मौके के CCTV फुटेज खंगाले गए और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को कब्जे में लेकर आरोपियों की तलाश तेज की गई। इस अपहरण मामले में विनय और उसके दो साथी गिरफ्तार हो गए है। दोनों आरोपी ने आकाश सोनकर का अपहरण किया था। इस पूरे मामले में हेड कॉन्स्टेबल जयवीर और लोकेश गाथे की अहम भूमिका रही हैं। पुलिस की सटीक और तेज कार्रवाई के चलते मुख्य आरोपी सनी समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। वारदात में इस्तेमाल वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।
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घटना का खुलासा
4 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 1 बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक का अपहरण कर लिया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आकाश सिलावट, जो बसों में सवारी बैठाने का काम करता है, उसे विनय सोनकर और उसके साथियों ने जबरन कार में बैठाकर उठा लिया। स्थानीय लोगों से पूछताछ और आसपास लगे CCTV फुटेज खंगालने पर साफ दिखा कि तीन आरोपी युवक को जबरन ले जा रहे हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि बस में सवारी बैठाने को लेकर विवाद के बाद इस वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस का ऑपरेशन ‘शिकंजा’
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना छोटी ग्वालटोली में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर तुरंत विशेष टीम गठित की गई। टीम को होटल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और संभावित ठिकानों पर दबिश देने भेजा गया। तकनीकी साक्ष्य, CCTV विश्लेषण और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें धर दबोचा। लगातार पीछा और दबाव बनाकर पुलिस ने पूरे गिरोह को कुछ ही घंटों में पकड़ लिया।
24 घंटे में पुलिस ने किया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने इस सनसनीखेज अपहरण कांड में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- विनय उर्फ मुख्य आरोपी (32) निवासी भंवरकुआ
- सनी उर्फ मनप्रीत (32) निवासी भोलाराम उस्ताद मार्ग
- निखिल परमार (26) निवासी पिपलिया राव
मिल चुका है आरक्षक लोकेश गाथे को जीवन रक्षक पदक --
7 मार्च 2019 की वो रात शायद यह चार पुलिसकर्मी सहित होटल में फंसे हुए 23 लोग कभी नहीं भूल पाएंगे जब इन चार जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए, सभी को मौत के मुंह से बाहर निकाला था।दहशत के वह 3 घंटे चारों पुलिसकर्मियों ने किस तरह से अपनी और अपने परिवार की परवाह न करते हुए दूसरे के परिवारों को बचाया था। इस पूरे हादसे में अपनी बहादुरी दिखाते हुए उत्कर्ष कार्य करने वाले आरक्षक लोकेश गाथे हैं।












