Happy Birthday Mallikarjun Kharge:गरीबी में बीता बचपन! फिर बने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष... जानिए मल्लिकार्जुन खड़गे के संघर्ष से शिखर तक पहुंचने की कहानी

नई दिल्ली। देश की राजनीति में कुछ ऐसे नेता हैं जिन्होंने दशकों तक जनता के बीच रहकर अपनी पहचान बनाई है। मल्लिकार्जुन खड़गे उन्हीं नेताओं में से एक हैं। साधारण परिवार में जन्मे खड़गे ने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया लेकिन कभी हार नहीं मानी। वकालत से शुरू हुआ उनका सफर राजनीति तक पहुंचा और फिर विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री, विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष जैसे बड़े पदों तक पहुंच गया। आज 84 साल की उम्र में भी वह सक्रिय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कठिन परिस्थितियों में बीता बचपन
मल्लिकार्जुन खड़गे का जन्म 21 जुलाई 1942 को कर्नाटक के बीदर जिले के वरवट्टी गांव में हुआ था। उनका परिवार आर्थिक रूप से बेहद साधारण था। बचपन में उन्होंने कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई को महत्व दिया और अपनी शिक्षा पूरी की। बाद में उन्होंने कानून की पढ़ाई की और वकालत के पेशे में कदम रखा। लोगों की समस्याओं को करीब से समझने के कारण उनका झुकाव सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों की ओर बढ़ता गया।
छात्र जीवन से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
खड़गे का राजनीति से जुड़ाव छात्र जीवन से ही शुरू हो गया था। सामाजिक न्याय और आम लोगों के अधिकारों के लिए काम करते हुए उन्होंने कांग्रेस पार्टी का दामन थामा। उनकी मेहनत और संगठन क्षमता के कारण पार्टी में उनकी पहचान लगातार मजबूत होती गई। धीरे-धीरे वह कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए।
ये भी पढ़ें: RBI Update: बार-बार KYC कराने की नहीं पड़ेगी जरूरत, जानिए क्या है 14 अंकों का CKYC नंबर और इसके फायदे
विधायक से लेकर सांसद तक का सफर
मल्लिकार्जुन खड़गे कई बार कर्नाटक विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली और अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया। राज्य की राजनीति में मजबूत पहचान बनाने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा और लोकसभा पहुंचे। संसद में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें देश के प्रमुख नेताओं में शामिल कर दिया।
केंद्र सरकार में निभाईं अहम जिम्मेदारियां
मल्लिकार्जुन खड़गे को केंद्र सरकार में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। उन्होंने रेल मंत्री और श्रम एवं रोजगार मंत्री के रूप में काम किया। इन पदों पर रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों पर काम किया। उनकी पहचान हमेशा एक शांत, गंभीर और जमीनी नेता की रही है, जो मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखते हैं।
आज किस पद पर हैं खड़गे?
मल्लिकार्जुन खड़गे वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। अक्टूबर 2022 में उन्होंने पार्टी की कमान संभाली थी। वह लंबे समय बाद कांग्रेस के ऐसे अध्यक्ष बने जो गांधी परिवार से नहीं थे। कांग्रेस संगठन में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है और पार्टी की रणनीति से जुड़े बड़े फैसलों में उनकी अहम भागीदारी रहती है। इसके अलावा वह राज्यसभा में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं और संसद में विपक्ष की मजबूत आवाज माने जाते हैं।
कौन-कौन से बड़े पद संभाल चुके हैं?
अपने पांच दशक से अधिक लंबे राजनीतिक करियर में मल्लिकार्जुन खड़गे कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वह कर्नाटक विधानसभा में कई बार विधायक चुने गए। राज्य सरकार में मंत्री रहे। लोकसभा सांसद बने। केंद्र सरकार में रेल मंत्री और श्रम एवं रोजगार मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता रहे और बाद में राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी बने। कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद उनका नाम देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हो गया।
ये भी पढ़ें: Gold Silver Price Today: सोना ₹1,095 बढ़कर ₹1.42 लाख के पार, चांदी में ₹4,101 की तेजी; इस साल ₹9000 महंगा हुआ गोल्ड
परिवार और निजी जीवन
राजनीति में व्यस्त रहने के बावजूद मल्लिकार्जुन खड़गे ने हमेशा अपने परिवार को महत्व दिया। उनकी पत्नी का नाम राधाबाई खड़गे है। उनके बेटे प्रियांक खड़गे भी राजनीति में सक्रिय हैं और कर्नाटक सरकार में मंत्री रह चुके हैं। खड़गे का परिवार लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है।











