भारत और दुनिया के बड़े विमान हादसे, चर्खी दादरी में 349 मौतें, जापान में पहाड़ियों में प्लेन क्रैश से 520 मारे गए, अरब सागर में गिरा विमान

गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को बड़ा विमान हादसा हुआ। एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी के कारण रिहायशी इलाके में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी समेत कुल 242 यात्री सवार थे।
यात्रियों में 52 ब्रिटिश और 6 पुर्तगाली नागरिक भी शामिल थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। अब तक 100 से ज्यादा शव बरामद किए जा चुके हैं। हालांकि, अभी तक एयर इंडिया या सरकार की ओर से किसी भी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
हरियाणा, 1996: चर्खी दादरी, 349 मौतें
भारत में अब तक का सबसे बड़ा विमान हादसा 12 नवंबर 1996 को हरियाणा के चर्खी दादरी में हुआ था। इसमें दो विमानों की हवा में टक्कर हो गई थी। पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच हुई गलतफहमी इस हादसे का कारण बनी। इस टक्कर में दोनों विमानों में सवार सभी 349 यात्रियों की मौत हो गई थी।
मुंबई, 1978: अरब सागर में गिरा विमान, 213 की मौत
1 जनवरी 1978 को मुंबई से दुबई जा रहे बोइंग 747 विमान ने उड़ान भरते ही दिशा भ्रम और तकनीकी खराबी के चलते अरब सागर में गिरकर क्रैश हो गया था। इस हादसे में 213 लोगों की जान चली गई थी।
मंगलूरु, 2010: रनवे से फिसलकर खाई में गिरा विमान, 158 मौतें
22 मई 2010 को दुबई से मंगलूरु आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट रनवे पर देर से लैंड हुई। ब्रेकिंग स्पेस कम पड़ने के कारण विमान रनवे से आगे फिसलता चला गया और गहरी खाई में गिरकर दो हिस्सों में टूट गया। इस हादसे में 158 यात्रियों की मौत हो गई थी।
औरंगाबाद, 1993: ट्रक से टकराया विमान, 55 की मौत
26 अप्रैल 1993 को इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट उड़ान भरते समय रनवे पर खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर के बाद विमान में आग लग गई, जिसमें 55 यात्रियों की जान चली गई।
कोझिकोड, 2020: रनवे से फिसला विमान, 21 की मौत
7 अगस्त 2020 को केरल के कोझिकोड में वंदे भारत मिशन के तहत दुबई से लौट रहा एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान रनवे से फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हुई थी।
स्पेन, 1977: सबसे भीषण विमान हादसा, 586 मौतें
27 मार्च 1977 को स्पेन के लॉस रोडियोस एयरपोर्ट पर दो बोइंग 747 विमानों की टक्कर में 586 लोगों की मौत हो गई थी। गलतफहमी और ट्रैफिक बढ़ने की वजह से यह हादसा हुआ था। इसे आज भी दुनिया का सबसे भीषण विमान हादसा माना जाता है।
जापान, 1985: सिंगल प्लेन क्रैश में 520 मौतें
12 अगस्त 1985 को जापान एयरलाइंस का बोइंग 123 विमान उड़ान भरने के थोड़ी देर बाद पहाड़ियों में क्रैश हो गया। प्रेशर सिस्टम फेल होने के कारण पायलट विमान को संभाल नहीं सके। इस हादसे में 520 यात्रियों की मौत हुई थी।
तुर्की, 1974: तकनीकी गड़बड़ी से 346 मौतें
3 मार्च 1974 को तुर्कीश एयरलाइंस का विमान पेरिस के पास जंगल में गिर गया। उड़ान के दौरान दरवाजा टूटने से एयर प्रेशर गड़बड़ा गया और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 346 यात्रियों की जान गई।
सऊदी अरब, 1980: आग लगने से 301 मौतें
19 अगस्त 1980 को सऊदी एयरलाइंस के विमान के केबिन में उड़ान के दौरान आग लग गई। पायलट ने विमान को सुरक्षित उतार लिया था लेकिन समय रहते विमान खाली नहीं हो सका। दम घुटने से सभी 301 यात्रियों की मौत हो गई।
इंडोनेशिया, 2018: टेकऑफ के 13 मिनट बाद क्रैश, 189 मौतें
29 अक्टूबर 2018 को इंडोनेशिया में बोइंग 737 मैक्स 8 विमान टेकऑफ के 13 मिनट बाद समुद्र में गिर गया। हादसे में 189 यात्रियों की मौत हो गई। यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ था।































