Bhopal: लालघाटी की कॉमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग, दूसरी मंजिल तक पहुंचीं आग की लपटें, दीवार तोड़कर घुसे दमकलकर्मी

भोपाल। भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में सुबह बहुमंजिला कॉमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग से इलाके में अफरा तफरी मच गई। आग इमारत के भीतर संचालित रेस्टोरेंटों तक पहुंच गई, जिससे भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और पानी के टैंकर मौके पर पहुंच गए। दमकलकर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया। राहत की बात यह रही कि समय रहते किचन में रखे गैस सिलेंडरों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा विस्फोट होने का खतरा टल गया।
धुएं ने बढ़ाई चिंता
शुरुआत में लोगों को लगा कि यह रेस्टोरेंट के किचन से निकलने वाला सामान्य धुआं है लेकिन कुछ ही देर बाद धुएं के साथ आग की लपटें भी दिखाई देने लगीं। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। देखते ही देखते आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और इलाके में चिंता का माहौल बन गया।
किचन से शुरू हुई आग
आग रेस्टोरेंट के ग्राउंड फ्लोर स्थित किचन से शुरू हुई थी। शुरुआती समय में आग छोटी थी लेकिन देखते ही देखते उसने विकराल रूप ले लिया। कुछ ही देर में आग ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई और पूरे भवन में धुआं भर गया। स्थानीय लोगों ने धुआं उठता देखा तो तुरंत प्रशासन और दमकल विभाग को सूचना दी।
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फायर ब्रिगेड की टीम से संभले हालात
घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके के लिए रवाना कर दी गईं। हालात की गंभीरता को देखते हुए शहर के अलग अलग फायर स्टेशनों से कई दमकल वाहन और पानी के टैंकर बुलाए गए। मौके पर पहुंची टीम ने तुरंत आग बुझाने का अभियान शुरू किया। लगातार प्रयासों के बाद करीब डेढ़ घंटे में आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
दीवार तोड़कर अंदर पहुंचे कर्मचारी
आग के दौरान रेस्टोरेंट के अंदर धुआं और गर्मी का स्तर बहुत अधिक था। ऐसे में दमकलकर्मियों को अंदर पहुंचने में कठिनाई हुई। आग तक पहुंचने और उसे बुझाने के लिए टीम को भवन की एक दीवार तोड़नी पड़ी। इसके बाद अंदर जाकर आग बुझाने का काम किया गया। आग पर काबू पाने के बाद काफी समय तक कूलिंग का काम भी जारी रहा ताकि दोबारा आग न भड़क सके।
सिलेंडरों को सुरक्षित निकालकर टाला खतरा
इस पूरी घटना में सबसे बड़ा खतरा रेस्टोरेंट के किचन में रखे कमर्शियल गैस सिलेंडर थे। यदि आग इन सिलेंडरों तक पहुंच जाती तो बड़ा विस्फोट हो सकता था। इससे आसपास की दुकानों और रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका थी। दमकलकर्मियों ने जोखिम उठाते हुए चार गैस सिलेंडरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया और संभावित दुर्घटना को टाल दिया।
लाखों रुपए का सामान हुआ नुकसान
आग की चपेट में आने से रेस्टोरेंट के भीतर रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जल गया। लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।
सुरक्षा व्यवस्था और आग के कारणों की जांच
जिस तीन मंजिला इमारत में यह घटना हुई वहां कई रेस्टोरेंट और दुकानें संचालित होती हैं। आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। फायर विभाग और प्रशासन यह भी जांच कर रहे हैं कि भवन में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम और आपातकालीन सुरक्षा सुविधाएं मौजूद थीं या नहीं। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।











