मंडला में घर की बाड़ी में घुसा बाघ का रेस्क्यू, महिला पर हमले के बाद वन विभाग ने बढ़ाई थी निगरानी

मंडला। उपसंचालक बफर जोन अमिता के.बी., वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल, सहायक संचालक सिझौरा आशीष कुमार पाण्डेय और सहायक वन संरक्षक अर्चना नारनौरे के मार्गदर्शन में खटिया परिक्षेत्र की रेस्क्यू टीम और वन विभाग के अमले ने बाघ को सुरक्षित पकड़ लिया।
रेस्क्यू अभियान में कई विभागों का रहा सहयोग
रेस्क्यू अभियान में थाना खटिया, थाना टाटरी का पुलिस बल, हॉक फोर्स, राजस्व विभाग और स्थानीय ग्रामीणों का भी सहयोग रहा। संयुक्त प्रयास से रेस्क्यू कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई।
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महिला पर हमले के बाद बढ़ाई गई थी निगरानी
गौरतलब है कि 7 अक्टूबर की रात करीब 10:15 बजे ग्राम अरौली में खुले स्थान पर सो रही 46 वर्षीय रमली बाई पर बाघ ने हमला कर दिया था। घायल महिला को वन विभाग ने तत्काल बम्हनी बंजर अस्पताल पहुंचाया, जहां से जिला अस्पताल मंडला और बाद में बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया। महिला का उपचार जारी है। वन विभाग द्वारा उन्हें नियमानुसार तत्कालिक सहायता राशि भी उपलब्ध कराई गई। घटना के बाद अरौली और आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाई गई थी। रात्रि गश्त के लिए विशेष दल गठित कर बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
बाघ को मुक्की क्वारन्टाइन सेंटर भेजा
रेस्क्यू किए गए बाघ को वन्यप्राणी चिकित्सक की निगरानी में मुक्की स्थित क्वारन्टाइन सेंटर भेजा गया है। यहां उसके स्वास्थ्य और व्यवहार की जांच की जाएगी। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, रात में अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने और बाघ दिखाई देने पर उसके पास नहीं जाने और तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।




















