Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

30 साल बाद रहस्यमयी बीमारी की पहचान, 40 की उम्र में मरीज को मोयामोया डिजीज

शिवपुरी निवासी 40 वर्षीय अमित करीब तीन दशक से बार-बार होने वाली न्यूरोलॉजिकल समस्या से जूझ रहे थे। महज 10 साल की उम्र में पहली बार उनके शरीर के दाहिने हिस्से में अचानक कमजोरी आई। इसके एक साल बाद 11 वर्ष की उम्र में दोबारा ऐसी ही समस्या हुई।
30 साल बाद रहस्यमयी बीमारी की पहचान, 40 की उम्र में मरीज को मोयामोया डिजीज
30 साल बाद रहस्यमयी बीमारी की पहचान

ग्वालियर। समय-समय पर न्यूरोलॉजिकल लक्षण सामने आते रहे। हाल ही में अचानक बेहोश होने पर परिजन उन्हें जेएएच न्यूरोलॉजी अस्पताल, ग्वालियर लेकर पहुंचे। यहां विस्तृत जांच के बाद दुर्लभ मोयामोया डिजीज की पहचान हुई।

मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं से जुड़ी है बीमारी

मोयामोया डिजीज मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं से जुड़ी दुर्लभ बीमारी है। इसमें मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाने वाली प्रमुख धमनियों में संकुचन या रुकावट होने लगती है। इसके कारण मस्तिष्क में खून की सप्लाई प्रभावित होती है और मरीज को बार-बार स्ट्रोक, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, बेहोशी, बोलने में परेशानी सहित अन्य न्यूरोलॉजिकल लक्षण हो सकते हैं। बीमारी की पहचान के लिए न्यूरोलॉजिकल जांच के साथ इमेजिंग और अन्य आवश्यक परीक्षण किए जाते हैं।

ये भी पढ़ें: ग्वालियर-चंबल में गूंजा था नाना का ‘तांत्रिक’ अवतार, अब ‘शक्ति शालिनी’ में जिंदा रहेंगी वो यादें

गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचा था मरीज

अस्पताल पहुंचने के समय अमित की हालत गंभीर थी। जीवनरक्षा के लिए उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार के बाद उन्हें सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से बाहर निकाला गया। जांच के बाद चिकित्सकों ने मरीज को सर्जरी की सलाह दी थी, लेकिन परिजनों की सहमति नहीं होने के कारण फिलहाल दवाओं के माध्यम से इलाज किया गया।

Breaking News

डॉक्टरों की देखरेख में किया गया इलाज 

दवा आधारित उपचार के बाद मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई गई है। चिकित्सकों के अनुसार इस मामले में करीब 30 वर्षों तक बीमारी के स्पष्ट कारण की पहचान नहीं हो सकी, जिसके बाद जेएएच में विस्तृत जांच से मोयामोया डिजीज का पता चला। मरीज का उपचार डॉ. (प्रो.) दिनेश उदैनिया, डॉ. अरविंद गुप्ता और डॉ. सौरभ सिंह राजपूत की देखरेख में किया गया।

Ambrish Anand
By Ambrish Anand

Latest Posts