मनीषा भानवाला बनीं वर्ल्ड चैंपियन बनीं, अस्ताना की वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में आखिरी तीन मिनट में पाए लगातार 7 अंक

मनीष भानवाल ने इतिहास रच दिया है। हरियाणा की 29 साल की पहलवान ने अस्ताना में 59 किग्रा का फाइनल 8-6 से जीता। वह एक समय 0-6 से पीछे थीं। सवाल यह है कि India first woman world champion wrestler कौन बनीं? जवाब है मनीषा भानवाला। वह वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं।
0-6 से पीछे, फिर 8-6 की जीत
फाइनल मुकाबला मनीषा के लिए आसान नहीं रहा। सामने अमेरिका की एबिगेल एलिजाबेथ नेटे थीं। वह पैन अमेरिकन चैंपियन (अमेरिकी महाद्वीपों की विजेता) हैं। शुरुआत में मनीषा दबाव में नजर आईं। स्कोर 0-6 हो चुका था, लेकिन असली कहानी यहीं से शुरू हुई।
पहले पीरियड के बाद कैसा था स्कोर?
रिपोर्ट के मुताबिक पहले पीरियड (मुकाबले का पहला हिस्सा) के अंत तक मनीषा 1-5 से पीछे थीं। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरी तीन मिनट में उन्होंने लगातार 7 अंक बटोरे।
मुकाबले का रुख पलट गया। अंत में स्कोर 8-6 रहा। इस तरह मनीषा भानवाला वर्ल्ड चैंपियन बनीं। सोचिए एक बार। 0-6 का स्कोर, सामने मजबूत प्रतिद्वंद्वी और दांव पर देश का पहला महिला गोल्ड। आखिर ऐसे दबाव में वापसी कैसे होती है? मनीषा ने एक-एक अंक जोड़कर यह करके दिखाया।
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सेमीफाइनल में कैसे जीतीं मनीषा?
फाइनल से पहले मनीषा का सेमीफाइनल एकतरफा रहा। उन्होंने कजाकिस्तान की अल्तिन शगायेवा को 10-0 से हराया। जीत पिनफॉल (प्रतिद्वंद्वी के कंधे मैट से लगाकर जीत) के जरिए आई। इसी जीत से फाइनल का टिकट कटा। शगायेवा को कोई अंक नहीं मिला।
मनीषा भानवाला वर्ल्ड चैंपियन क्यों खास?
सुशील कुमार के बाद यह खिताब जीतने वाली मनीषा दूसरी भारतीय रेसलर हैं। यानी Indian wrestler world champion की सूची में अब दो नाम हैं। पहले सुशील कुमार, अब मनीषा। महिलाओं में वह अकेली हैं। भारत की पहली महिला वर्ल्ड चैंपियन पहलवान का नाम अब मनीषा भानवाला है। वह हरियाणा से आती हैं।
वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में भारत का दम
मनीषा से पहले भारत को दो रजत पदक मिल चुके थे। फिर मनीषा के गोल्ड ने तस्वीर पूरी कर दी। World Wrestling Championships के इतिहास में यह भारत का अब तक का सबसे शानदार पदक अभियान है।
नीलम, काजल और तनु के पदक
नीलम सिरोही ने 50 किग्रा में रजत जीता। काजल ढोचक ने 76 किग्रा में रजत अपने नाम किया। दोनों स्वर्ण पदक मुकाबले तक पहुंची थीं। तनु ने महिलाओं के 72 किग्रा भारवर्ग का कांस्य जीता। उन्होंने अमेरिका की प्रेसिअस रोजाना बेल को 9-5 से हराया।
अंशु मलिक से मनीषा तक का सफर
अंशु मलिक 2021 में फाइनल तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं। इस बार नीलम और काजल भी फाइनल तक पहुंचीं। दोनों रजत पर रुकीं। मनीषा ने इस लंबे इंतजार को स्वर्ण से खत्म किया।
आंकड़ों में मनीषा की जीत
फाइनल का स्कोर 8-6 रहा। सेमीफाइनल का स्कोर 10-0 रहा। 59 किग्रा भारवर्ग में मनीषा ने स्वर्ण जीता। भारत को इस चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य मिला। स्वर्ण मनीषा के नाम रहा। रजत नीलम और काजल को मिले। कांस्य तनु ने जीता।




















