भोपाल :मप्र में दो सौ नगरीय निकायों में एक दिन छोड़कर पानी, क्योंकि ट्यूबवैल सूखने लगे, 270 करोड़ खर्च का प्लान

पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। छतरपुर जिले के नगर परिषद बक्स्वाहा निवासी मनीष जैन बताते हैं कि शहर में लोगों को दो-दो दिन छोड़कर पीने का पानी मिल रहा है। शासन स्तर पर स्थाई हल नहीं खोजा जा सका है। सतना के ओमप्रकाश कुशवाहा कहते हैं कि टिकुरिया टोला, नई बस्ती, नजीराबाद, अमौधा और उतैली इलाके में पीने का पानी समय पर नहीं मिल रहा है। छतरपुर नगर पालिका परिषद की सीएमओ माधुरी शर्मा ने तो अपील की है कि जिले के पचेर घाट पर धसान नदी का जलस्तर लगातार कम होने से शहर की पेयजल सप्लाई प्रभावित हो रही है।
शहरों में पेयजल की समस्या अकेले छतरपुर और सतना की नहीं है बल्कि नगरीय विकास विभाग की जानकारी के अनुसार करीब दो सौ नगरीय निकायों में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जबलपुर संभाग के न्यूटन चिखली और डोंगर परासिया में तीन दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। एक अनुमान है कि प्रदेश के पचास लाख लोगों को हर दिन पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। इससे निबटने के लिए नगरीय विकास ने 270 करोड़ रुपए का प्लान बनाया है।
पेयजल संकट बड़े शहरों में भी
प्रदेश में पेयजल का संकट नगर निगम भोपाल, इंदौर और सागर क्षेत्र में भी है। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जिला प्रशासन को चेतावनी भी दी है कि जल संकट नहीं होने पाए। उज्जैन के साथ ग्वालियर, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना, मुरैना, भिंड, छिंदवाड़ा, सागर, सतना, अशोकनगर, श्योपुर बैतूल, रायसेन और उमरिया जिले के निकाय स्तर पर जल संकट है। भोपाल और इंदौर सहित कई शहरों में पानी को लेकर नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं।
पानी संकट के ये तीन बड़े कारण
1-कॉलोनियों और मोहल्लों में पाइपलाइन से पानी नहीं पहुंच रहा। नलकूप और हैंडपंप जवाब दे चुके हैं
2-जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन नहीं है, वहां पानी सप्लाई टैंकरों पर निर्भर है।
3-नगर परिषद और नगर पालिका क्षेत्रों में ट्यूबवैल ही माध्यम हैं, इनका जल स्तर नीचे चला गया।
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नगरीय निकायों में जल प्रदाय की स्थिति 20 मई के अनुसार
संभाग-नगरीय निकाय-एक दिन बाद- दो दिन बाद
जबलपुर- 56-05-03
भोपाल-43-17-02
नर्मदापुरम-21-06-01
सागर-58-29-01
इंदौर-55-42-00
रीवा-32-00-00
शहडोल-22-02-00
ग्वालियर-चंबल-59-18-01
उज्जैन-67-43-00
(न्यूटन चीखली और डोंगर परासिया निकाय में तीन दिन छोड़कर पानी मिल रहा)
कुल योग-413-162-08
शहरों में पेयजल संकट से निपटने सभी प्रयास
प्रदेश में गर्मी के चलते कई नगर परिषद और नगर पालिका इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे निपटने के लिए 270 करोड़ रुपए का प्लान तैयार किया गया है। आगामी 6 से 9 माह में कार्य पूर्ण करा लिया जायेगा जिससे प्रतिदिन जल प्रदाय हो सकेगा। संकेत भोंडवे, आयुक्त, नगरीय विकास एवं आवास











