सीहोर में किसानों का अनोखा प्रदर्शन: पेड़ों पर लटकाए बिजली विभाग के पुतले, बोले - नदी पहुंचाएगी CM तक आवाज

सीहोर। जिले में बिजली व्यवस्था की समस्याओं और विद्युत अधिकारियों की कथित लापरवाही के विरोध में किसानों ने सोमवार को अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। छोटी कुलांस के जीवन लाल वर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने उफनती कुलांस नदी के किनारे पेड़ों पर विद्युत मंडल के पुतले लटकाकर अपना आक्रोश जताया। किसानों ने कहा कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद गांवों की बिजली संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
उफनती नदी के किनारे लटकाए पुतले
कुंलास खुर्द, बिलकिसगंज, ढाबला, रामाखेड़ी, चंदेरी, बरखेड़ी, छोटी कुलांस, बड़ी कुलांस, भांडेली, बरबेली, श्यामपुर, खमरिया और संग्रामपुर सहित कई गांवों के किसान प्रदर्शन में शामिल हुए। किसानों ने कुलांस नदी के किनारे पेड़ों पर विद्युत मंडल के पुतले लटकाए। बरसात के बीच किया गया यह प्रदर्शन क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
झूलते तार और ट्रांसफार्मर की समस्या
किसानों का आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था लंबे समय से बदहाल है। कई गांवों में बिजली के तार झूल रहे हैं, जिन्हें समय पर दुरुस्त नहीं किया जा रहा। वहीं बढ़ते बिजली भार के कारण कई स्थानों पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की आवश्यकता है। किसानों के मुताबिक कुलांस खुर्द में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सीहोर में किसानों ने पेड़ पर बिजली विभाग के पुतले लटका कर किया प्रदर्शन।
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ज्ञापन दिए, फिर भी नहीं निकला समाधान
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जीवन लाल वर्मा ने कहा कि बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर किसानों द्वारा पहले भी कई बार शिकायतें और ज्ञापन दिए जा चुके हैं। सीहोर से लेकर भोपाल स्थित एमडी कार्यालय, मुख्यमंत्री निवास, ऊर्जा मंत्री, प्रभारी मंत्री और संबंधित अधिकारियों तक अपनी समस्याएं पहुंचाई गईं, लेकिन इसके बावजूद किसानों को स्थायी राहत नहीं मिली।
नदी के जरिए मुख्यमंत्री तक आवाज पहुंचाने का संदेश
किसानों ने प्रदर्शन स्थल पर एक अनोखा बैनर भी लगाया। इसमें कुलांस नदी के माध्यम से अपनी आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की अपील की गई। किसानों का कहना है कि कुलांस नदी आगे जाकर भोपाल तालाब में मिलती है और भोपाल तालाब के किनारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का निवास स्थित है। इसी वजह से किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से नदी से अपील की कि वह बाढ़ के पानी के साथ इन पुतलों को भोपाल तालाब तक ले जाए, ताकि उनकी आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंच सके।
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अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
जीवन लाल वर्मा ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। किसानों ने मांग की कि बिजली व्यवस्था में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जांच कराई जाए। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों को तत्काल हटाने के साथ उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सुधर सके।
समाधान नहीं हुआ तो जारी रहेगा आंदोलन
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी बिजली संबंधी समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। किसानों ने कहा कि वे भविष्य में भी लोकतांत्रिक और अनोखे तरीकों से अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाते रहेंगे। प्रदर्शन के दौरान रमेश चन्द्र वर्मा, प्रीतम, रामस्वरूप सहित बड़ी संख्या में किसान और मातृशक्ति मौजूद रही। किसानों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि गांवों में सुरक्षित और नियमित बिजली व्यवस्था सुनिश्चित कराना है।












