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MP Weather Update : प्रदेश में अब तक सामान्य से 47% ज्यादा बारिश, ग्वालियर-मुरैना में भारी बारिश का अलर्ट; जानें अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम

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MP Weather Update : प्रदेश में अब तक सामान्य से 47% ज्यादा बारिश, ग्वालियर-मुरैना में भारी बारिश का अलर्ट; जानें अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 28.6 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य से 47 प्रतिशत ज्यादा है। मौसम विभाग का कहना है कि अगस्त के दूसरे सप्ताह से बारिश दोबारा रफ्तार पकड़ेगी और महीने के अंत तक कोटा पूरा हो जाने की संभावना है। हालांकि, इंदौर और उज्जैन संभाग में अब भी स्थिति संतोषजनक नहीं है।

    पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश

    मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी हिस्सों में बारिश सबसे ज्यादा हुई है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसतन 51% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में बारिश सामान्य से 43% ज्यादा रही है।

    इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    मंगलवार को ग्वालियर, मुरैना और भिंड जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटों में 4.5 इंच तक बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल में सुबह से धूप खिली रही और हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं।

    मानसूनी सिस्टम कमजोर

    फिलहाल कोई मजबूत मानसूनी सिस्टम प्रदेश में सक्रिय नहीं है, लेकिन स्थानीय वेदर सिस्टम के कारण कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार 7 अगस्त तक प्रदेश के सभी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का दौर बना रहेगा।

    अब तक कहां कितनी बारिश हुई?

    गुना: 45.8 इंच (प्रदेश में सर्वाधिक)

    निवाड़ी: 45.1 इंच

    टीकमगढ़ और मंडला: 44 इंच

    अशोकनगर: 42 इंच

    भोपाल: लगभग 23 इंच

    इंदौर: मात्र 11 इंच

    बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन: 11-12 इंच

    इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, भोपाल, बुरहानपुर, जबलपुर और आगर-मालवा जैसे जिलों में अब भी बारिश का कोटा अधूरा है। इनमें खासकर इंदौर और खरगोन की स्थिति कमजोर मानी जा रही है।

    पिछले दो महीने में बाढ़ से 275 मौतें

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मानसून के दौरान हुए हादसों में अब तक 275 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 1657 मवेशियों की मौत, 3980 मकानों को नुकसान और 254 से अधिक सड़कों व पुलों के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि हुई है।

    भारी बारिश ने इन जिलों में मचाया था कहर

    पिछले सप्ताह प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में जबरदस्त बारिश हुई थी। रायसेन में बेतवा नदी उफान पर रही, कई पुल, मंदिर और खेत डूब गए थे।

    मुख्यमंत्री का ऐलान- नुकसान की होगी भरपाई

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अतिवृष्टि या बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई सरकार करेगी। सर्वे के आधार पर डीबीटी प्रणाली से सीधे खाते में मुआवजा दिया जाएगा। प्रशासन को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

    राजधानी में बारिश के पुराने रिकॉर्ड

    भोपाल: अगस्त 2006 में 35 इंच बारिश (रिकॉर्ड)

    इंदौर: 1944 में अगस्त में 28 इंच बारिश

    ग्वालियर: 10 अगस्त 1927 को 8.5 इंच बारिश (24 घंटे में रिकॉर्ड)

    जबलपुर: अगस्त 1923 में 44 इंच बारिश (102 साल पहले)

    अलर्ट का मतलब समझिए

    येलो अलर्ट: सतर्कता बरतें, स्थिति बिगड़ सकती है

    ऑरेंज अलर्ट: जरूरी काम से ही निकलें, जोखिम है

    रेड अलर्ट: जान-माल को खतरा, घर में रहें, अलर्ट रहें

    अगले 48 घंटे का पूर्वानुमान

    6-7 अगस्त: प्रदेश के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान

    ग्वालियर-चंबल संभाग: भारी बारिश की संभावना, प्रशासन अलर्ट पर

    भोपाल, इंदौर, जबलपुर: आंशिक बादल, कहीं-कहीं फुहारें पड़ सकती हैं

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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