हरदा : प्रदेशव्यापी आंदोलन के तीसरे चरण में पटवारियों ने सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ा, 28 से ऑनलाइन कामों का बहिष्कार

हरदा। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन का तीसरा चरण शुक्रवार से शुरू हो गया। आंदोलन के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों सहित हरदा जिले के पटवारियों ने सरकारी व्हाट्सएप समूहों से सामूहिक रूप से बाहर निकलकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई। पटवारी संघ के जिला सचिव सुनील शर्मा ने बताया कि लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर शासन को कई बार ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी के विरोध में संगठन ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज करने का फैसला किया है।
कैडर रिव्यू और पदोन्नति समेत कई मांगों पर अड़े पटवारी
संघ के प्रांतीय पदाधिकारी राजीव जैन ने बताया कि पटवारियों की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू लागू करना, पदोन्नति, समयमान वेतनमान का लाभ, नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा का शीघ्र आयोजन, लंबित मानदेय का भुगतान तथा पटवारियों को जॉब प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में शामिल करना प्रमुख हैं। उनका कहना है कि इन मांगों को लेकर लंबे समय से शासन से लगातार संवाद किया जा रहा है, लेकिन अपेक्षित निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसी कारण अब आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का निर्णय लिया गया है।
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तो 3 अगस्त से करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल
पटवारी संघ ने आंदोलन की आगामी रणनीति भी घोषित कर दी है। इसके तहत 28 जुलाई से 2 अगस्त तक वेब जीआईएस, सारा तथा अन्य ऑनलाइन शासकीय कार्यों के बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। यदि इसके बाद भी सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार हरदा, हंडिया, खिरकिया, सिराली, टिमरनी और रहटगांव तहसील के सभी पटवारियों ने इस आंदोलन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की है।
सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद
पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष विकास जोशी ने कहा कि संगठन लंबे समय से अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के पटवारी स्वयं को उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें लगातार विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जोशी ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य शासन का ध्यान पटवारियों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द सकारात्मक पहल करेगी, ताकि आंदोलन समाप्त हो सके और कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान हो।
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