मानवता की मिसाल :चार डॉक्टरों ने निजी यात्रा छोड़ बचाई युवक की जान, बेगमगंज में हुआ सम्मान

बेगमगंज के चार सरकारी डॉक्टरों ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक की जान बचाई। उनके इस सराहनीय कार्य के लिए बुधवार को नगरवासियों ने सार्वजनिक रूप से उनका नागरिक सम्मान किया। महर्षि कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने डॉक्टरों को शाल, श्रीफल और स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
पंचमढ़ी जाते समय बचाई घायल की जान
करीब चार दिन पहले सीबीएमओ डॉ. नितिन सिंह तोमर, डॉ. चंद्रमोहन गुर्जर, डॉ. अमन सेन और डॉ. अभिषेक साहू निजी अवकाश पर पंचमढ़ी जा रहे थे। इसी दौरान बरेली-भोपाल फोरलेन पर एक सड़क दुर्घटना में नरेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क किनारे पड़ा था। डायल-112 अन्य घायलों को अस्पताल पहुंचा चुकी थी, लेकिन नरेंद्र सिंह मौके पर ही जिंदगी और मौत से जूझ रहा था। यह देखकर चारों डॉक्टरों ने अपनी यात्रा बीच में ही रोक दी। उन्होंने घायल को अपनी निजी कार से सिविल अस्पताल बरेली पहुंचाया और पूरे रास्ते लगातार सीपीआर (CPR) देकर उसकी सांसें चलती रहीं। समय पर इलाज मिलने से युवक की जान बच गई।
नगरवासियों ने किया भव्य सम्मान
डॉक्टरों के इस मानवीय कार्य की पूरे प्रदेश में सराहना हुई। बेगमगंज लौटने पर उनका नागरिक अभिनंदन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि अपर सत्र न्यायाधीश सचिन द्विवेदी और विशेष अतिथि एसडीएम प्रियंका भलावी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप यादव, बीएमओ गैरतगंज डॉ. दिनेश गुप्ता और सुल्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय मीणा सहित अन्य चिकित्सकों का भी सम्मान किया गया।
'चिकित्सा सेवा सबसे बड़ा मानव धर्म'
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि चारों डॉक्टरों ने साबित कर दिया कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। एक अनजान व्यक्ति की जान बचाने के लिए अपनी छुट्टियां और निजी कार्यक्रम छोड़ देना पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
एसडीएम ने दी राह-वीर योजना की जानकारी
एसडीएम प्रियंका भलावी ने मध्यप्रदेश सरकार की राह-वीर योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना के गोल्डन ऑवर में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने और उसकी जान बचाने में मदद करने वाले नागरिक को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने से पीछे न हटें, क्योंकि समय पर मिली सहायता किसी की जान बचा सकती है।
अपर सत्र न्यायाधीश ने की सराहना
अपर सत्र न्यायाधीश सचिन द्विवेदी ने कहा कि डॉक्टर समाज के लिए फरिश्तों के समान होते हैं। विशेष रूप से सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक कठिन परिस्थितियों में भी दिन-रात लोगों की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि चारों डॉक्टरों ने अपने कार्य से मानवता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बनेगा।












