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Balaghat News :विश्व बाघ दिवस पर मिला नर बाघ का शव, आपसी संघर्ष से मौत की आशंका

विश्व बाघ दिवस पर मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के सोनेवानी वन अभ्यारण्य में एक नर बाघ का शव मिला। शरीर पर कई घाव मिलने से बाघों की आपसी लड़ाई में मौत की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। रिपोर्ट के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा होगा।
विश्व बाघ दिवस पर मिला नर बाघ का शव, आपसी संघर्ष से मौत की आशंका
विश्व बाघ दिवस पर बालाघाट में मिला नर बाघ का शव

विश्व बाघ दिवस के दिन मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से दुखद खबर सामने आई। सोनेवानी वन अभ्यारण्य में एक नर बाघ का शव मिला है। बाघ के शरीर पर कई घाव मिले हैं, जिससे शुरुआती तौर पर उसकी मौत बाघों की आपसी लड़ाई में होने की आशंका जताई जा रही है।

2 से 3 दिन पुराना बताया जा रहा शव

वन विभाग के अनुसार शव से दुर्गंध आ रही थी, जिससे माना जा रहा है कि बाघ की मौत करीब दो से तीन दिन पहले हुई होगी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

पोस्टमार्टम के बाद होगा मौत का खुलासा

यह मामला बहियाटिकुर बीट (कक्ष क्रमांक 443) का है। वन विभाग ने प्रोटोकॉल के तहत पेंच नेशनल पार्क से वन्यजीव चिकित्सक को बुलाया है। डीएफओ एल. नित्यानंद ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही बाघ की उम्र और मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

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इसी इलाके में पहले भी मिला था बाघ का शव

लालबर्रा वन परिक्षेत्र के इसी स्थान पर 2 अगस्त 2025 को भी एक बाघ मृत मिला था। उस समय बिना उच्च अधिकारियों को सूचना दिए उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। बाद में इस मामले में एसटीएफ जबलपुर ने दो वनकर्मियों समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

वन्यजीव प्रेमियों ने जताई चिंता

बाघ की मौत के बाद वन्यजीव प्रेमियों ने चिंता जताई है। वन्यजीव प्रेमी सिकंदर मिश्रा और ज्ञानचंद शर्मा का कहना है कि लालबर्रा क्षेत्र में बाघों की निगरानी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि कई महीनों से लापता बाघिन 'गौरा' और उसके शावकों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि बाघ की मौत आपसी संघर्ष में हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। साथ ही, लगातार हो रही बाघों की मौत ने जंगलों में वन्यजीव संरक्षण और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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