Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

बाड़ी-बुधनी फोरलेन पर हादसा: कार की टक्कर से बाइक सवार तीन लोगों की मौत; निर्माणाधीन सड़क पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठे सवाल

बाड़ी-बुधनी निर्माणाधीन SH-15 फोरलेन पर मंगलवार शाम कार की टक्कर से बाइक सवार तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा नानफोन पेट्रोल पंप के पास हुआ। ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा और अव्यवस्थित डायवर्सन पर सवाल उठाए हैं।

बाड़ी। बाड़ी-बुधनी निर्माणाधीन SH-15 फोरलेन पर हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। मंगलवार शाम करीब 7:45 बजे बाड़ी से 10 किमी दूर नानफोन पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार कार ने पीछे से बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार तीनों लोगों की मौत हो गई। दो ने मौके पर दम तोड़ दिया, तीसरे को अस्पताल ले जाते समय मृत घोषित किया गया। घटना के बाद अमरावदकलां गांव में शोक की लहर है।

जानकारी के अनुसार बाइक सवार बकतरा से परिचितों को अमरावदकलां छोड़ने जा रहे थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।

मृतकों की पहचान... 

  1. नरेश राय (50) पिता गोरेलाल, निवासी अमरावद
  2. ताराबाई राय, निवासी अमरावद  
  3. कमलेश चौहान, निवासी बकतरा

 पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए।

सुरक्षा इंतजामों पर आक्रोश 

स्थानीय लोगों का कहना है कि फोरलेन निर्माण के दौरान जगह-जगह धूल-मिट्टी फैली है, पुरानी सड़क से ही आवाजाही हो रही है, डायवर्सन व्यवस्थित नहीं हैं और संकेतक बोर्ड नहीं लगे हैं। इससे लगातार हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पहले बाबई के युवक की मौत के बाद चक्काजाम हुआ था, पुलिस-प्रशासन को जाम खुलवाने में 6-7 घंटे लगे थे, फिर भी व्यवस्था नहीं सुधरी।

ग्रामीणों की मांग है कि डायवर्सन, संकेतक बोर्ड, धूल नियंत्रण और सुरक्षा इंतजाम किए जाएं ताकि आगे किसी परिवार को अपनों को खोने का दर्द न झेलना पड़े। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रायसेन में दर्दनाक सड़क हादसा: अज्ञात वाहन ने बाइक सवारों को रौंदा, एक युवक की मौत, दूसरा घायल ;जांच शुरू

लापरवाही और सुरक्षा पर सवाल

स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना वाले SH-15 फोरलेन मार्ग पर चल रहा निर्माण कार्य भी इस हादसे का एक बड़ा कारण बना। सड़क का काम चलने के कारण कई जगह वाहन पुरानी सड़क से तो कहीं नई सड़क से गुजारे जा रहे हैं। निर्माण एजेंसी ने वहां संकेतक बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं, जिससे रात के समय भ्रम और हादसों का खतरा बना रहता है।

परिजनों की जानकारी

मृतक नरेश राय के पिता का नाम गोरेलाल राय था। नरेश राय और ताराबाई राय आपस में मां-बेटे थे, जबकि कमलेश चौहान उनके ही गांव नकतरा का रहने वाला था जो उनके साथ दर्शन के लिए गया था।

Buddhi Sharma
By Buddhi Sharma

Latest Posts