मढ़ई में दिखा दुर्लभ 'इंडियन स्किमर',सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के लिए अच्छी खबर

सोहागपुर। मध्यप्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से एक अच्छी और उत्साहित करने वाली खबर सामने आई है। मढ़ई इलाके के तवा जलाशय में बेहद दुर्लभ और संकटग्रस्त पक्षी 'इंडियन स्किमर' देखा गया है। यह पक्षी आमतौर पर बहुत कम नजर आता है और इसकी गिनती तेजी से घट रही है। ऐसे में एक साथ 8 स्किमर का दिखाई देना न सिर्फ वन विभाग के लिए राहत की बात है, बल्कि यह पूरे इलाके के बेहतर पर्यावरण का भी संकेत माना जा रहा है।
बोट गश्ती के दौरान दिखा दुर्लभ पक्षी
यह नजारा उस वक्त दिखा जब सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की टीम रोज की तरह तवा जलाशय में बोट से गश्त कर रही थी। तभी उनकी नजर पानी के ऊपर उड़ रहे इंडियन स्किमर के एक झुंड पर पड़ी। मढ़ई के रेंजर राहुल उपाध्याय ने तुरंत इस पल को कैमरे में कैद कर लिया। खास बात यह रही कि एक साथ 8 स्किमर दिखाई दिए, जो अपने आप में बहुत दुर्लभ माना जाता है।
खास पहचान है लंबी निचली चोंच
इंडियन स्किमर दिखने में थोड़ा अलग होता है। इसकी नीचे वाली चोंच ऊपर वाली से लंबी होती है, जो इसे खास बनाती है। यह पानी के ऊपर उड़ते हुए अपनी चोंच को हल्के से पानी में चलाता है और इसी दौरान मछली पकड़ लेता है। शिकार करने का यह तरीका इसे बाकी पक्षियों से बिल्कुल अलग बनाता है।
'अत्यंत संकटग्रस्त' श्रेणी में शामिल
सोहागपुर एसटीआर के सहायक संचालक आशीष खोबरागड़े ने बताया कि इंडियन स्किमर उन पक्षियों में है जो धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पक्षी हर जगह नहीं रहता। इसे साफ पानी, भरपूर मछलियां और शांत रेतीले किनारे चाहिए होते हैं। लेकिन ऐसे इलाके अब कम होते जा रहे हैं, इसलिए इसकी संख्या लगातार घट रही है। ऐसे में इसका दिखना बहुत मायने रखता है।

तवा जलाशय के लिए सकारात्मक संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि जहां इंडियन स्किमर दिखता है, वहां का माहौल साफ और संतुलित होता है। तवा जलाशय में इस पक्षी का नजर आना यही बताता है कि यहां पानी साफ है, मछलियां पर्याप्त हैं और प्रकृति का संतुलन ठीक बना हुआ है।
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रिजर्व के लिए गर्व की बात
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक राखी नंदा ने इस घटना को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बहुत सकारात्मक संकेत है। इसका मतलब है कि हमारा रिजर्व सिर्फ बाघों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि हम अन्य दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों को भी सुरक्षित माहौल दे पा रहे हैं।












