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बैंड-बाजा और गैस सिलेंडर: कुंडली, गुण और अब सिलेंडर मिलना भी शादी के लिए जरूरी! रिसेप्शन के पहले हो रही बात तय

 कैटरर बोले-सिर्फ खाना और व्यवस्थाएं करेंगे, सिलेंडर आप लाओ। उन्हें पर्याप्त संख्या में कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। सप्लाई में कमी के चलते वे आयोजकों पर ही गैस की व्यवस्था की जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
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कुंडली, गुण और अब सिलेंडर मिलना भी शादी के लिए जरूरी! रिसेप्शन के पहले हो रही बात तय
प्रतीकात्मक चित्र

जितेंद्र चंद्रवंशी, जबलपुर। गैस की बढ़ती कीमतों और कमी का सीधा असर अब पारिवारिक समारोह, शादी-विवाह में देखने को मिल रहा है। शादी में मेहमाननवाजी के साथ अब दूल्हा और दुल्हन पक्ष पर समारोह में गैस सिलेंडर के इंतजाम की जिम्मेदारी भी आ गई है। कैटरिंग संचालकों ने मौजूदा हालत को देखते हुए इन समारोहों में दोनों पक्षों से साफ कहना शुरू कर दिया है खाना तो हम बनाएंगे, लेकिन सिलेंडर आप लोगों को ही लाने होंगे। 

कैटरर्स ने हाथ खड़े किए

कैटरिंग व्यावसायियों के अनुसार, उन्हें पर्याप्त संख्या में कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। सप्लाई में कमी के चलते वे आयोजकों पर ही गैस के व्यवस्था की जिम्मेदारी डाल रहे हैं। इससे उनके कामकाज पर भी असर पड़ रहा है और ग्राहकों के साथ समन्वय बनाना मुश्किल हो रहा है।

बिगड़ रहा आपसी तालमेल

गैस सिलेंडरों की कमी का असर अब पड़ोसी और रिश्तेदारों पर भी पड़ने लगा है। किसी के घर यदि सिलेंडर खत्म हो जाता है और पड़ोसी या जान पहचान वालों से मांगा जाता है तो वे सिलेंडर देने से मना कर देते हैं। ऐसे में लोगों में मन-मुटाव बढ़ रहा है। वहीं यदि वह सिलेंडर दे देते हैं तो उनकी परेशानी बढ़ जाती है, ऐसे में दोनों पक्षों में आपसी तालमेल खराब हो रहा है।

सिलेंडर की कमी के चलते कैंसिल कर दिया रिसेप्शन

जबलपुर जिले के शहपुरा तहसील अंतर्गत मरमुहा गांव निवासी दुर्गेश पटेल ने बताया कि उनकी भतीजी शिखा की शादी 5 मई को संपन्न हुई है। लड़का पक्ष पहले बारात लेकर हमारे गांव आ रहे थे। वे बाद में रिसेप्शन करने वाले थे, लेकिन कैटरिंग वालों ने गैस की व्यवस्था करने की बात कही। इसके बाद लड़का पक्ष हमारे पास आया और साथ में मिलकर आयोजन की शर्त रखी। पहले हमने मना कर दिया था, लेकिन उनकी मजबूरी को देखते हुए तैयार हो गए। दोनों पक्ष ने एक गार्डन बुक किया और पूरे समारोह का खर्च आधा-आधा बांट लिया, इसमें सिलेंडर भी शामिल थे।

दोनों पक्षों को देने होंगे 6-6 सिलेंडर

नरसिंहपुर जिले के कपूरी गांव निवासी सतीश राव साहब की बेटी खुशी की शादी 12 मई को पास की गांव कुकवारा में होनी है। सतीश राव ने बताया कि गांव की दूरी कम होने के कारण हम एक साथ मिलकर आयोजन कर रहे हैं। कैटरिंग वालों ने गैस सिलेंडर की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया है। अब दुल्हा और दुल्हन दोनों पक्षों को 6-6 सिलेंडर देने पड़ रहे हैं।

सिलेंडर लाने में हो रही दिक्कत

जबलपुर के कैटरिंग संचालक अजय गुप्ता ने बताया कि पहले गैस सिलेंडर आसानी से मिल जाते थे तो सारी जिम्मेदारी कैटरिंग वालों की होती थी। लेकिन जब से गैस की कमी और कीमतें बढ़ गई हैं इससे परेशानी बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए अब हम सिर्फ खाना और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ले रहे हैं। ऑर्डर के समय ही आयोजकों को बता दिया जाता है कि गैस सिलेंडर उन्हें ही लाने होंगे। 

Puneet Pandey
By Puneet Pandey
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