टाइगर को कुत्तों से खतरा:कान्हा में कुत्तों की एंट्री पर बैन, बाघों को बचाने ग्रामीण आगे आए, 1000 कुत्तों का वैक्सीनेशन होगा

जबलपुर। प्रदेश के सबसे चर्चित टाइगर रिजर्व कान्हा में बाघों को कैनाइन डिस्टेम्पर वायरस से बचाने के लिए अब कुत्तों की एंट्री पर बैन लगाया गया है। वन विभाग की इस मुहिम में बाघों को बचाने के लिए अब ग्रामीण, रिसार्ट संचालक, जिप्सी चालक, गाइड भी मैदान में उतर आए हैं। इन सभी ने अवारा कुत्तों को जंगल में जाने से रोकने के लिए अपने-अपने स्तर पर मॉनिटरिंग का काम शुरू कर दिया है।
रिजॉर्ट से बचा खाना खुले में न छोड़ें
पार्क ने बाघों को बचाने और जंगल में कुत्तों का प्रवेश रोकने को लेकर रिजॉर्ट संचालकों से कहा गया है कि वे अपने यहां से बचा हुआ खाना खुले में न छोड़ें। इस पर रिजॉर्ट संचालकों ने आश्वास्त किया कि वे इस पर सख्त रहेंगे। वहीं, जिप्सी संचालकों और गाइड ने कहा कि आवारा कुत्तों की जानकारी वे तत्काल वेटरनरी विभाग और वन विभाग को देंगे ताकि इन्हें जंगल में जाने से रोका जा सके।
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कुत्तों को टीके लगाएंगे
बताया जाता है कि पार्क प्रबंधन ने कान्हा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाकों विशेष तौर से कोर-बफर जोन से सटे हुए ग्रामों में विचरण करने वाले एक हजार कुत्तों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा है।
करीब 400 पालतू एवं अवारा कुत्तों का टीकाकरण किया भी जा चुका है।
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पानी के सैंपल भी भेजे गए जबलपुर
इधर पार्क प्रबंधन ने वायरस की रोकथाम को लेकर जबलपुर वेटरनरी यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फारेंसिक एंड हेल्थ (एसडब्ल्यूएफएच) सेंटर में जलस्रोतों से पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। इसकी रिपोर्ट आने में करीब 8-10 दिन तक लग सकते हैं।
पार्क में चार हाथियों से चल रही गश्त
पार्क में असामान्य अवस्था में विचरण करने वाले वन्यजीवों और अवारा कुत्तों पर नजर रखने के लिए प्रबंधन ने पार्क के चार पालतू हाथी लगाए हुए हैं। साथ ही 40 कैमरा ट्रैप से वन्यजीवों के व्यवहार पर निगरानी रखी जा रही है। इस संबंध में प्रकाश कुमार वर्मा (डिप्टी डायरेक्टर कान्हा टाइगर रिजर्व) ने कहा कि सीडी वायरस की रोकथाम के लिए पार्क के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में करीब एक हजार कुत्तों का वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अब तक 400 से अधिक कुत्तों का वैक्सीनेशन हो चुका है। साथ ही बैठक कर रिसार्ट संचालक, सरपंच, जिप्सी चालकों से चर्चा हुई है। जंगल में कुत्तों का प्रवेश रोकने हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। फेंसिंग भी कराई गई है।












