मिडिल ईस्ट में जारी संकट के बीच भारत के लिए राहत की खबर है। फारस की खाड़ी से रवाना हुआ LPG टैंकर ‘शिवालिक’ आज भारत पहुंच गया। सरकार ने पहले बताया था कि यह टैंकर शाम 5 बजे तक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचेगा। हालांकि, मौसम और समुद्री हालात के कारण इसमें थोड़ा समय लग सकता था, लेकिन टैंकर तय समय पर ही पोर्ट पहुंच गया।
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शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक नंदा देवी नाम का जहाज भी करीब 46 हजार टन LPG लेकर भारत आ रहा है और उसके कल पहुंचने की संभावना है। वहीं जग लाडकी जहाज करीब 81 हजार टन मुरबान कच्चा तेल लेकर भारत की ओर आ रहा है।
केंद्र सरकार के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट पर भारतीय झंडे वाले कुल 24 जहाज फंसे हुए थे। इनमें से ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ को ईरान ने निकलने की अनुमति दी थी। 14 मार्च को ये दोनों जहाज LPG लेकर रवाना हुए थे। इन जहाजों पर कुल 92,700 टन LPG लदी हुई थी।
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मुंद्रा पोर्ट में टैंकर के स्वागत और LPG उतारने की पूरी तैयारी की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा और प्रक्रिया की दृष्टि से हर कदम पर सतर्कता बरती गई। टैंकर के पहुंचते ही तुरंत LPG उतारना शुरू कर दिया गया ताकि देश में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो।
केंद्र सरकार ने प्रेस वार्ता में कहा कि मिडिल ईस्ट के हालात के बावजूद भारत की LPG आपूर्ति सुरक्षित है। ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जैसे जहाजों के आने से घरेलू LPG की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार लगातार पोर्ट और शिपिंग एजेंसियों के संपर्क में थी और स्थिति पर निगरानी जारी रखी।
‘शिवालिक’ के आने से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। इस जहाज पर लोड LPG का इस्तेमाल घरेलू और औद्योगिक जरूरतों के लिए किया जाएगा। शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, संकट के दौरान भी भारत की LPG आपूर्ति में कोई बड़ी बाधा नहीं आई।
‘शिवालिक’ ने फारस की खाड़ी से निकलते हुए होर्मुज स्ट्रेट को पार किया। यात्रा के दौरान समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पूरी तरह पालन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जहाज की निगरानी 24 घंटे की की गई और भारत आने तक सतर्कता जारी रही।
टैंकर के पहुंचने के बाद घरेलू बाजार में LPG की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा। घरेलू सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय किए गए। इसके साथ ही इंडस्ट्रीज को भी समय पर LPG मिलने की संभावना बनी रही।