नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। एलपीजी लेकर खाड़ी देशों से भारत लौट रहा भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ अब सुरक्षित रूप से भारतीय जल क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। यह जहाज कुछ समय पहले रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील होर्मुज स्ट्रेट के पास फंसा हुआ था। शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, जहाज जंग प्रभावित इलाके से निकल चुका है और अनुमान है कि शाम करीब पांच बजे तक यह भारत पहुंच जाएगा।
शिपिंग मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एलपीजी से भरा भारतीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित पार कर चुका है और भारत की ओर बढ़ रहा है। मंत्रालय के मुताबिक कार्गो उतारने की प्रक्रिया में किसी तरह की देरी नहीं होगी। इसके अलावा युद्ध प्रभावित इलाके में फंसे अन्य जहाजों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। जानकारी के अनुसार 22 जहाज अभी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में रुके हुए हैं, जबकि यूएई से कच्चा तेल लेकर निकला ‘जग लाडकी’ जहाज सुरक्षित भारत की ओर बढ़ रहा है और कल मुंद्रा पोर्ट पहुंचेगा। वहीं एलपीजी लेकर आ रहा जहाज ‘नंदा देवी’ भी कल कांडला बंदरगाह पहुंचने वाला है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ईरान से 550 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। ये सभी लोग ज़मीनी रास्ते से ईरान से आर्मेनिया के लिए रवाना हुए हैं। इनमें से 234 लोग धार्मिक यात्रा पर गए थे, जबकि करीब 90 लोग अज़रबैजान के रास्ते भारत लौट रहे हैं। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने इन नागरिकों की मदद करते हुए वीज़ा और इमिग्रेशन से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को आसान बनाया। इसके साथ ही दूतावास ने कई भारतीय छात्रों को भी सुरक्षित शहरों में शिफ्ट किया है।
विदेश मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र से अब तक करीब 20 हजार भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं। सऊदी अरब और ओमान से भारत के अलग-अलग शहरों के लिए लगातार फ्लाइट्स संचालित की जा रही हैं। कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है, जबकि कुवैत का एयरस्पेस 28 फरवरी 2026 से बंद है। बहरीन और इराक जैसे देशों में एयरस्पेस बंद होने की स्थिति में भारतीय नागरिकों को सऊदी अरब के जरिए आने-जाने में मदद की जा रही है।