Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

मुकदमे खत्म हुए तो रिश्ते भी जुड़ गए! लोक अदालत में 103 राजीनामे, 24 दंपतियों ने बसाया घर

512 मामलों में 103 का राजीनामा, 24 दं512 मामलों में 103 का राजीनामा, 24 दंपती फिर साथ रहने को तैयार; काउंसलिंग से तलाक की राह पर पहुंचे रिश्तों को मिली नई शुरुआतपती फिर साथ रहने को तैयार; काउंसलिंग से तलाक की राह पर पहुंचे रिश्तों को मिली नई शुरुआत
मुकदमे खत्म हुए तो रिश्ते भी जुड़ गए! लोक अदालत में 103 राजीनामे, 24 दंपतियों ने बसाया घर

इंदौर। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को अदालत ने सिर्फ मुकदमों का निपटारा नहीं किया, बल्कि कई परिवारों को बिखरने से भी बचाया। कुटुंब न्यायालय इंदौर में पांच खंडपीठों के सामने 512 प्रकरण रखे गए, जिनमें 103 मामलों का राजीनामे के आधार पर निराकरण हुआ। इनमें 24 दंपतियों ने आपसी मतभेद भुलाकर दोबारा साथ रहने का फैसला किया। इनमें एक मामला ऐसा भी रहा, जिसमें तीन साल के बेटे का भविष्य पति-पत्नी के बीच दो साल से चली आ रही दूरी पर भारी पड़ा। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश ए.के. गोयल की खंडपीठ में हुई कई दौर की काउंसलिंग के बाद दोनों ने विवाद खत्म कर साथ रहने की सहमति दे दी।

ये भी पढ़ें: आजमगढ़ से 19 साल का आतंकी गिरफ्तार, ATS ने खोला AQIS से जुड़े नेटवर्क का राज

दो साल से अलग थे, बेटे के भविष्य ने बदल दिया फैसला

सोनू कुमार (35), ड्राइवर, छोटी ग्वालटोली और मालती (32), गृहिणी, पालदा के नाम परिवर्तित हैं। दोनों का विवाह फरवरी 2022 में परिवार की सहमति से हुआ था। उनका तीन साल का बेटा भी है। शादी के शुरुआती दिनों में सब ठीक चला, लेकिन बाद में ससुराल में पारिवारिक मतभेद और अभद्र व्यवहार को लेकर विवाद बढ़ने लगा।लगातार परेशान रहने के बाद पत्नी ने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश दी, लेकिन हालात नहीं सुधरे। आखिरकार 2024 में पत्नी मायके चली गई। इसी साल उसने भरण-पोषण के लिए कुटुंब न्यायालय में केस लगाया। इसके बाद पति ने भी 2025 में पत्नी को साथ रखने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

ये भी पढ़ें: ED की बड़ी कार्रवाई, बैंकों को 333 करोड़ का चूना लगाने वाली इंदौरी फर्मों की 26 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

3-4 दौर की काउंसलिंग ने बदला माहौल

लोक अदालत में जब दोनों आमने-सामने आए तो पहली कोशिश में समझौता नहीं हो सका। इसके बाद खंडपीठ ने दोनों पक्षों से अलग-अलग बातचीत की और तीन-चार दौर की काउंसलिंग कराई। धीरे-धीरे दोनों के बीच के मतभेद कम होने लगे। काउंसलिंग के दौरान जब तीन साल के बेटे के भविष्य और परिवार के साथ रहने के महत्व पर चर्चा हुई तो पति-पत्नी पुराने विवाद पीछे छोड़ने को तैयार हो गए। दोनों ने न्यायालय में आपसी सहमति से केस समाप्त कराया और एक-दूसरे का साथ निभाने के संकल्प के साथ घर लौट गए। प्रकरण में एडवोकेट प्रीति मेहना एवं एडवोकेट आरती लौट ने पैरवी की।

ये भी पढ़ें: नेशनल लोक अदालत-मध्यप्रदेश में 1.72 लाख मुकदमें निपटे, 964 करोड़ के अवॉर्ड पारित

केस-: शराब और तानों ने तोड़ा रिश्ता, वादे ने फिर जोड़ा

न्यायाधीश सुरेश कुमार चौबे की खंडपीठ में आनंद पाल (31) और भावना (26) का मामला भी सामने आया। दोनों का विवाह 2020 में कोविड काल में हुआ था। उनका चार साल का बेटा है। शादी के एक-दो साल बाद वैचारिक मतभेद, ताने और शराब सेवन को लेकर विवाद बढ़ने लगा। दोनों 2022 से अलग रह रहे थे और पति ने तलाक का केस दायर कर दिया था। करीब एक साल तक चली काउंसलिंग के बाद दोनों को अपनी गलतियों का एहसास हुआ। पति ने भविष्य में पत्नी को अच्छे से रखने और पुरानी गलतियां नहीं दोहराने का भरोसा दिया। इसके बाद दोनों ने राजीनामा कर लिया और तलाक के बजाय साथ जिंदगी आगे बढ़ाने का फैसला किया। प्रकरण में एडवोकेट नितिन ननेरिया एवं संतोष पांडे ने पैरवी की।

ये भी पढ़ें: प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर जिंदगी बचाने का संकल्प, भोपाल में पहली बार अंगदान जागरूकता के साथ रक्तदान अभियान

केस-: दहेज के तानों से मायके गई पत्नी, बेटे के लिए फिर बनी बात

न्यायाधीश तजिंदर सिंह अजमानी की खंडपीठ में शालिनी (22) और सूरज गुजराती (23) का मामला आया। दोनों का विवाह 2022 में हुआ था और उनका एक साल का बेटा है। शादी के बाद से ही दोनों के बीच सामंजस्य नहीं बन पाया। दहेज को लेकर ताने और गाली-गलौज के चलते नवंबर 2025 में पत्नी मायके चली गई। 2026 में उसने भरण-पोषण का केस दायर किया। लोक अदालत में लगातार समझाइश और लंबी बातचीत के बाद दोनों के बीच जमी नाराजगी दूर हुई। पति ने पत्नी को सम्मान के साथ रखने का आश्वासन दिया। इसके बाद दोनों ने विवाद खत्म कर बेटे के साथ दोबारा परिवार बसाने का फैसला किया। प्रकरण में एडवोकेट रवि यादव एवं संजय पवार ने पैरवी की।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

Latest Posts