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International Tiger Day : बाघों के लिए मशहूर हैं हमारे ये टाइगर रिजर्व, सभी हैं जबलपुर से कुछ ही घंटों की दूरी पर

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International Tiger Day : बाघों के लिए मशहूर हैं हमारे ये टाइगर रिजर्व, सभी हैं जबलपुर से कुछ ही घंटों की दूरी पर
मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व बाघों के साथ-साथ अपनी जैव विविधता के लिए भी पूरे देश में मशहूर हैं। सबसे खास बात यह है कि ज्यादातर टाइगर रिजर्व जबलपुर शहर से कुछ ही घंटों की दूरी पर स्थित हैं। देश भर के लाखों सैलानी इन टाइगर रिजर्व को जीवन में कम से कम एक बार तो जरूर देखते हैं। आखिरी गणना के मुताबिक देश में बाघों की तादाद 2603 से 3346 के बीच है, जिसमें से ज्यादातर बाघ मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों में पाए जाते हैं। आज अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस (International Tiger Day) पर हम आपको बता रहे हैं बाघों के लिए मशहूर इन टाइगर रिजर्व के बारे में।

कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve)

कान्हा टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश के सबसे बेहतरीन टाइगर रिजर्व्स में से एक है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान अपने घने जंगलों, बाघों व खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। यह ऐसी जगह है जहां बाघों का दीदार आपको रोमांच से भर देगा। जबलपुर शहर से कान्हा की दूरी महज 130 किमी है, जिसे तय करने में 2.5 घंटे लगते हैं। यहां रॉयल बंगाल टाइगर्स के साथ-साथ तेंदुए और बारासिंघा जैसे अन्य जीव व कई वॉटरफॉल्स भी हैं। रुडयार्ड किपलिंग द्वारा लिखित 'द जंगल बुक' की प्रेरणा के रूप में भी कान्हा नेशनल पार्क प्रसिद्ध है।

बांधवगढ़ नेशनल पार्क (Bandhavgarh National Park)

देशभर के सबसे ज्यादा बाघों वाले नेशनल टाइगर रिजर्व में से बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान भी एक है। बांघों की शानदार तादाद के जैसा ही यहां का इतिहास भी है। यहां का किला, घने जंगल में ट्रेकिंग और सफारी भी आपका मनमोह लेगी। जबलपुर से बांधवगढ़ की दूरी लगभग 220 किमी है, जिसे तय करने में तीन घंटे लगते हैं।

पेंच टाइगर रिजर्व (Pench Tiger Reserve)

पेंच नेशनल पार्क कई राजसी बाघों का घर होने के साथ-साथ कई वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक अद्भुत वन है। इसका नाम पेंच नदी के नाम पर रखा गया है जो राष्ट्रीय उद्यान से होकर बहती है और इसे दो बराबर भागों में विभाजित करती है। पेंच नेशनल पार्क मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से लेकर महाराष्ट्र तक फैला हुआ है। यानी इसका कुछ हिस्सा महाराष्ट्र में भी आता है। यहां भी बाघों के दीदार के लिए जीप सफारी, हाथी की सवारी, पक्षी देखने आदि जैसी विभिन्न गतिविधियों में शामिल होकर इस वाइल्ड लाइफ हॉटस्पॉट की सुंदरता का आप आनंद ले सकते हैं। पेंच नेशनल पार्क की जबलपुर से दूरी लगभग 180 किमी है जहां 2.5 घंटे में पहुंचा जा सकता है।

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (Satpura Tiger Reserve)

मध्य प्रदेश का सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्राचीन प्रकृति और आकर्षक वन्य जीवन के लिए जाना जाता है। फोटोग्राफर्स व नेचर लवर्स के लिए ये जगह जन्नत से कम नहीं है। कई पुरातात्विक कलाकृतियों और अद्भुत चित्रों को संजोय हुए इस उद्यान में कई पक्षी और स्तनधारियों की विभिन्न प्रजातियां मौजूद हैं। कहा जाता है कि यहां भी लगभग 40 के आसपास बाघों की तादाद है। इसके अलावा यहां का प्राकृतिक परिदृश्य, गहरी घाटियां आपको शांति और सुकून के एक अलग ही स्तर पर ले जाएंगी। जबलपुर से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की दूरी 189 किमी है, जिसे तय करने में 4 घंटे से ज्यादा का वक्त लगता है। जबलपुर की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें... यह भी पढ़ें : खेत में तेंदुआ देख ग्रामीणों ने घेरा, डरकर भागने में हुआ घायल तो लाया गया जबलपुर
Piyush Singh Rajput
By Piyush Singh Rajput
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