3 बार लौटे, 2 बार टली शपथ... चौथी बार मिली सत्ता की चाबी :5 दिन के संघर्ष के बाद छठे दिन तमिलनाडु में ऐसे हुआ 'विजय राज' का आगाज

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में पिछले 5 दिनों से जारी सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया। फिल्मी दुनिया के सुपरस्टार और टीवीके (TVK) चीफ सी. जोसेफ विजय अब तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। कई दौर की राजनीतिक उठा-पटक, समर्थन जुटाने की जद्दोजहद और राज्यपाल से लगातार मुलाकातों के बाद आखिरकार विजय को बहुमत का आंकड़ा मिल गया।
रविवार सुबह 10 बजे चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ 9 विधायक मंत्री पद की शपथ भी लेंगे। करीब 60 साल बाद तमिलनाडु में किसी गैर-द्रविड़ दल का नेता मुख्यमंत्री बनने जा रहा है।
कैसे खत्म हुआ तमिलनाडु का राजनीतिक संकट?
4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक असमंजस बना हुआ था। विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से 10 सीट पीछे रह गई।
इसके बाद शुरू हुआ समर्थन जुटाने का लंबा राजनीतिक संघर्ष। कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML के समर्थन के बाद आखिरकार विजय के पास 120 से ज्यादा विधायकों का समर्थन पहुंच गया।
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दो बार टली शपथ, तीन बार राज्यपाल ने लौटाया
विजय का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता बिल्कुल आसान नहीं था।
पहले- 7 मई को शपथ की तैयारी हुई
दूसरी- 9 मई की तारीख तय हुई
लेकिन बहुमत साबित नहीं होने के कारण दोनों बार शपथ टल गई
विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से लगातार मुलाकात की, लेकिन पर्याप्त समर्थन पत्र नहीं होने के कारण उन्हें तीन बार वापस लौटना पड़ा।
कैसे जुटा बहुमत का आंकड़ा?
तमिलनाडु विधानसभा का गणित
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पार्टी |
सीटें |
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TVK |
108 |
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कांग्रेस |
5 |
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CPI |
2 |
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CPI(M) |
2 |
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VCK |
2 |
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IUML |
2 |
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कुल समर्थन |
121 |
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बहुमत का आंकड़ा |
118 |
4 मई से 9 मई तक क्या-क्या हुआ?
तमिलनाडु की राजनीति के 6 बड़े मोड़
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तारीख |
क्या हुआ? |
राजनीतिक असर |
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4 मई 2026 |
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे आए। TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर सभी को चौंका दिया। DMK को 59 और AIADMK को 47 सीटें मिलीं। |
बहुमत से 10 सीट दूर रहने के कारण सरकार गठन पर सस्पेंस शुरू हो गया। |
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5 मई 2026 |
विजय की पार्टी ने समर्थन के लिए कांग्रेस से संपर्क किया। देर रात कांग्रेस ने DMK का साथ छोड़ TVK को समर्थन देने का फैसला किया। |
कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन से विजय की ताकत 113 तक पहुंची, लेकिन बहुमत अभी भी दूर था। |
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6 मई 2026 |
विजय पहली बार राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया। कांग्रेस के समर्थन पत्र भी सौंपे गए। |
राज्यपाल ने 118 विधायकों का समर्थन पत्र मांगा और विजय को वापस लौटना पड़ा। |
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7 मई 2026 |
CPI और CPI(M) ने TVK को समर्थन देने का ऐलान किया। विजय दूसरी बार राज्यपाल से मिले। इसी दिन पहला शपथ ग्रहण समारोह प्रस्तावित था। |
समर्थन बढ़कर 117 तक पहुंचा, लेकिन बहुमत का आंकड़ा पूरा नहीं होने से 7 मई की शपथ टल गई। |
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8 मई 2026 |
TVK ने दावा किया कि VCK और IUML भी समर्थन दे रहे हैं। विजय तीसरी बार राज्यपाल से मिले और 9 मई को शपथ की तैयारी शुरू हुई। |
VCK और IUML ने तुरंत समर्थन की पुष्टि नहीं की, जिससे राजनीतिक संकट और गहरा गया। |
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9 मई 2026 |
VCK ने आधिकारिक तौर पर समर्थन का ऐलान किया। बाद में IUML ने भी समर्थन पत्र सौंपा। विजय चौथी बार राज्यपाल से मिले और 120+ विधायकों का समर्थन पेश किया। |
राज्यपाल ने सरकार गठन की मंजूरी दी और तमिलनाडु में ‘विजय सरकार’ का रास्ता साफ हो गया। |
VCK और IUML को लेकर क्यों बढ़ा था सस्पेंस?
सरकार गठन में सबसे बड़ा ड्रामा VCK और IUML के समर्थन को लेकर देखने को मिला।
8 मई को TVK ने दावा किया कि VCK और IUML दोनों ने समर्थन दे दिया है। लेकिन कुछ ही देर बाद दोनों दलों की ओर से अलग-अलग बयान सामने आ गए।
- VCK ने कहा कि, अंतिम फैसला पार्टी बैठक के बाद होगा।
- IUML ने पहले कहा कि, वह DMK के साथ है।
इसी वजह से 9 मई को होने वाला शपथ ग्रहण भी टालना पड़ा।
हालांकि शनिवार शाम VCK नेता थोल थिरुमावलवन ने आधिकारिक तौर पर TVK को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। बाद में IUML ने भी समर्थन पत्र सौंप दिया। इसके बाद विजय ने चौथी बार राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
दिनाकरन ने लगाया फर्जी समर्थन पत्र का आरोप
सरकार गठन के बीच AMMK चीफ टीटीवी दिनाकरन ने TVK पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि, उनकी पार्टी के विधायक कामराज का फर्जी समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा गया। दिनाकरन ने इसे लेकर राज्यपाल और पुलिस दोनों से शिकायत की।
हालांकि TVK ने इन आरोपों को खारिज करते हुए वीडियो जारी किया और दावा किया कि विधायक कामराज ने खुद समर्थन पत्र दिया था। बाद में कामराज ने भी साफ कहा कि उन्होंने स्वेच्छा से विजय को समर्थन दिया है।
विजय के साथ ये नेता बन सकते हैं मंत्री
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय के साथ 9 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। इनमें शामिल नाम-
- थिरू एन. आनंद
- सीटीआर निर्मल कुमार
- अरुण राज
- आधव अर्जुना
- कीर्तना
- राजमोहन
- वेंकटरामनन
- सेनगोट्टैयान
60 साल बाद बदलेगा तमिलनाडु का राजनीतिक इतिहास
तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार कोई गैर-द्रविड़ दल सरकार बनाने जा रहा है। इससे पहले कांग्रेस नेता एम. भक्तवत्सलम राज्य के मुख्यमंत्री थे। इसके बाद से राज्य की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द ही घूमती रही। ऐसे में विजय की जीत को तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
फिल्मी सुपरस्टार से मुख्यमंत्री तक का सफर
फिल्मों में ‘थलपति’ के नाम से मशहूर विजय ने फरवरी 2024 में TVK लॉन्च की थी। सिर्फ दो साल पुरानी पार्टी ने अपने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया। विजय के विशाल फैन नेटवर्क और ‘विजय मक्कल इयक्कम’ संगठन को उनकी राजनीतिक ताकत माना जा रहा है।
तमिलनाडु में शुरू होगा ‘विजय युग’?
तमिलनाडु की राजनीति में अब एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। फिल्मी लोकप्रियता, मजबूत संगठन और विपक्षी दलों के समर्थन के दम पर विजय सत्ता तक पहुंच गए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि क्या पर्दे का ‘थलपति’ राजनीति में भी सुपरहिट साबित होगा।











