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बच्चों को भी हो सकता है गठिया! सुबह उठते ही जोड़ों में दर्द, अकड़न और सूजन को न समझें मामूली

बच्चों में भी गठिया हो सकता है, भले ही परिवार में किसी को यह बीमारी न हो। जानिए जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस क्या है, बच्चों में जोड़ों के दर्द, सूजन और सुबह की अकड़न के लक्षण कैसे पहचानें, कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और समय पर जांच व इलाज क्यों जरूरी है। माता-पिता के लिए जरूरी जानकारी और सावधानियां भी जानें।
बच्चों को भी हो सकता है गठिया! सुबह उठते ही जोड़ों में दर्द, अकड़न और सूजन को न समझें मामूली
बच्चों में गठिया के लक्षण: जोड़ों में दर्द और सुबह की अकड़न को न करें नजरअंदाज

बच्चा सुबह उठते ही चलने में आनाकानी करे, खेलते समय बार-बार बैठ जाए या उसके घुटनों में सूजन दिखाई दे, तो माता-पिता अक्सर इसे खेलकूद की थकान समझ लेते हैं। लेकिन सावधान! हर बार इसकी वजह थकान नहीं होती। बच्चों को भी गठिया हो सकता है, भले ही परिवार में किसी को यह बीमारी न हो। इसलिए बच्चों के जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या अकड़न को हल्के में लेना सही नहीं है। 20 अक्टूबर को वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे मनाया जाता है। इस दिन हड्डियों की सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। इसी मौके पर यह समझना जरूरी है कि बच्चों के जोड़ों से जुड़ी परेशानियों को पहचानना और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना क्यों जरूरी है।

बच्चों में क्यों होता है गठिया?

मधुकर रेनबो चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल की कंसल्टेंट पीडियाट्रिक रूमेटोलॉजिस्ट डॉ. अंजू सिंह के मुताबिक, बच्चों में गठिया होने पर जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न जैसी परेशानियां हो सकती हैं। बच्चों में होने वाले गठिया के आम प्रकारों में से एक है जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस (JIA)। यह बीमारी 16 साल की उम्र से पहले शुरू हो सकती है। इस बीमारी में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता गलती से जोड़ों पर असर डालने लगती है। इससे जोड़ों में सूजन और दर्द हो सकता है। बच्चे को हाथ-पैर चलाने, चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी हो सकती है। इसकी कोई एक निश्चित वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। खास बात यह है कि परिवार में किसी को गठिया न होने पर भी बच्चे को यह बीमारी हो सकती है।

बच्चों में गठिया के कौन-से लक्षण दिखते हैं?

बच्चे हमेशा अपनी परेशानी ठीक से बता नहीं पाते। ऐसे में माता-पिता को उनके व्यवहार और चलने-फिरने के तरीके पर ध्यान देना चाहिए। बच्चों में गठिया के कुछ संभावित संकेत इस प्रकार हैं:

  • सुबह उठने के बाद जोड़ों में अकड़न महसूस होना।
  • घुटने, टखने या कलाई में लगातार सूजन या गर्माहट रहना।
  • बिना किसी चोट के लंगड़ाकर चलना।
  • हाथ-पैर मोड़ने या सीधे करने में परेशानी होना।
  • सीढ़ियां चढ़ने या सामान्य गतिविधियां करने में दिक्कत होना।
  • पहले की तरह खेलने में रुचि न लेना या जल्दी थक जाना।

हालांकि, इन लक्षणों का मतलब यह नहीं है कि बच्चे को गठिया ही है। चोट लगने, ज्यादा खेलने या किसी संक्रमण के बाद भी जोड़ों में दर्द हो सकता है। लेकिन अगर परेशानी लंबे समय तक बनी रहे या बार-बार हो, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?

अगर बच्चे का कोई जोड़ गर्म और सूजा हुआ है और इसके साथ बुखार, तेज दर्द या पैर पर वजन न डाल पाने जैसी परेशानी है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। इसकी वजह जोड़ में संक्रमण भी हो सकता है, जिसके लिए जल्दी इलाज जरूरी होता है।

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बच्चों में गठिया की जांच और इलाज कैसे होता है?

डॉक्टर सबसे पहले बच्चे के लक्षणों, दर्द की अवधि और सुबह होने वाली अकड़न के बारे में जानकारी लेते हैं। इसके बाद जोड़ों की जांच की जाती है। जरूरत पड़ने पर खून की जांच, अल्ट्रासाउंड या एमआरआई कराने की सलाह दी जा सकती है। केवल एक जांच से हर मामले में गठिया की पुष्टि नहीं होती, इसलिए डॉक्टर सभी लक्षणों और जांच के नतीजों को साथ देखकर फैसला करते हैं। इलाज बच्चे की स्थिति के अनुसार किया जाता है। इसमें दर्द और सूजन कम करने वाली दवाएं, बीमारी को नियंत्रित करने वाली दवाएं और जरूरत के अनुसार व्यायाम से जुड़ी चिकित्सा शामिल हो सकती है। कुछ बच्चों में आंखों में सूजन भी हो सकती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह पर नियमित आंखों की जांच कराना जरूरी है।

माता-पिता इन बातों का रखें ध्यान

बच्चों में गठिया को रोकने का कोई निश्चित तरीका फिलहाल पता नहीं है। इसलिए माता-पिता को बच्चे के लक्षणों पर नजर रखनी चाहिए। जोड़ों में सूजन, सुबह अकड़न, बुखार या चलने के तरीके में बदलाव दिखे, तो उसे नोट करें और डॉक्टर को बताएं। समय पर पहचान और सही इलाज से बीमारी को नियंत्रित करने और जोड़ों को होने वाले नुकसान का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...

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