बार-बार हो रहे हैं लूज मोशन? जानिए क्या खाएं, जिससे पेट को मिले राहत और कमजोरी हो दूर

पेट खराब होने पर बार-बार शौच जाना, पेट में मरोड़ और कमजोरी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। दस्त को हल्के में लेना ठीक नहीं, क्योंकि ज्यादा लूज मोशन होने से शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी हो सकती है। ऐसे में सिर्फ दस्त रोकने की दवा लेना ही काफी नहीं है, बल्कि खानपान पर भी ध्यान देना चाहिए। केला, सफेद चावल और मूंग दाल की खिचड़ी जैसे हल्के खाद्य पदार्थ खाना आसान हो सकता है। साथ ही, ओआरएस का घोल शरीर में पानी की कमी पूरी करने में मदद करता है। यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है, व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह नहीं।
दस्त में ORS क्यों है जरूरी?
लूज मोशन होने पर सबसे पहले शरीर में पानी की कमी को रोकना जरूरी है। इसके लिए ओआरएस का घोल थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार पिएं। इसे साफ पानी में पैकेट पर लिखे निर्देशों के अनुसार ही तैयार करें। नारियल पानी और सूप भी तरल की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन ज्यादा दस्त होने पर ओआरएस का विकल्प नहीं हैं।
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केला और चावल खाने से मिल सकती है राहत
दस्त के दौरान केला खाना अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें पोटैशियम और घुलनशील फाइबर होता है, जो शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने और मल को कुछ ठोस बनाने में मदद कर सकता है। इसी तरह सादे सफेद चावल में फाइबर कम होता है और इन्हें पचाना आसान होता है। आप अपनी भूख के अनुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में इनका सेवन कर सकते हैं।
खिचड़ी और दही भी डाइट में करें शामिल
लूज मोशन होने पर चावल और मूंग दाल से बनी हल्की खिचड़ी खाई जा सकती है। इससे शरीर को ऊर्जा और प्रोटीन मिलता है। इसके अलावा, बिना चीनी वाला सादा दही कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, अगर दूध या डेयरी उत्पाद खाने से दस्त बढ़ते हैं या पेट फूलता है, तो इनसे कुछ समय के लिए परहेज करें।
दस्त में किन चीजों से बचना चाहिए?
दस्त होने पर ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और चिकनाई वाला खाना खाने से बचें। बहुत मीठे पेय, पैकेट वाले जूस और सोडा भी दस्त को बढ़ा सकते हैं। भूख लगने पर खाना बंद न करें, बल्कि थोड़ी-थोड़ी मात्रा में हल्का भोजन लेते रहें। आराम करना भी जरूरी है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में पानी की कमी जल्दी गंभीर हो सकती है, इसलिए विशेष सावधानी रखें।
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कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर दस्त के साथ मल में खून, तेज बुखार, पेट में बहुत दर्द, चक्कर या पेशाब कम आने जैसी परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। लगातार उल्टी होने पर भी चिकित्सा सहायता लें। दस्त दो दिन से ज्यादा बने रहने पर जांच कराना जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के दस्त रोकने वाली दवा न लें, खासकर बच्चों को। सही खानपान, ओआरएस और समय पर इलाज से ठीक होने में मदद मिल सकती है।




















