रील्स देखते-देखते कहीं रीढ़ की हड्डी को बीमार तो नहीं कर रहे आप? ये आदत पड़ सकती है भारी

सुबह उठते ही फोन, दिन में मौका मिलते ही रील्स और रात को सोने से पहले भी स्क्रॉलिंग! अगर आपका दिन भी कुछ ऐसा ही गुजरता है, तो जरा संभल जाइए। कुछ मिनट के लिए फोन उठाना कब घंटों की आदत बन जाता है, पता ही नहीं चलता। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लगातार गर्दन झुकाकर रील्स देखने की यह आदत आपकी गर्दन, कंधों और पीठ में दर्द की वजह बन सकती है? आज यानी 20 अक्टूबर को वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे मनाया जाता है। इस दिन का मकसद लोगों को हड्डियों की सेहत और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी के प्रति जागरूक करना है। ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियां कमजोर और नाजुक हो जाती हैं, जिससे मामूली चोट या गिरने पर भी फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में हड्डियों की देखभाल के साथ-साथ अपनी रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान देना भी जरूरी है।
रील्स देखने से रीढ़ की हड्डी पर क्या असर पड़ता है?
रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और दूसरी छोटी वीडियो देखना आजकल लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। परेशानी तब शुरू होती है, जब लोग लगातार लंबे समय तक मोबाइल देखते रहते हैं। इस दौरान कई लोग अपनी गर्दन नीचे झुकाकर और पीठ को मोड़कर बैठे रहते हैं। ऐसी मुद्रा में लंबे समय तक रहने से गर्दन और पीठ की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ सकता है।
गर्दन में दर्द और अकड़न
मोबाइल देखते समय सिर को लगातार नीचे झुकाकर रखने से गर्दन की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे गर्दन में दर्द, अकड़न और सिर के आसपास परेशानी महसूस हो सकती है। लंबे समय तक गलत मुद्रा में मोबाइल देखने से होने वाली इस परेशानी को आमतौर पर 'टेक्स्ट नेक' कहा जाता है।
कंधों और पीठ में बढ़ सकती है परेशानी
रील्स देखते समय अगर आपकी पीठ लगातार झुकी रहती है, तो कंधों और पीठ के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है। इसकी वजह से दर्द और थकान महसूस हो सकती है। अगर आप रोजाना घंटों तक इसी मुद्रा में बैठते हैं, तो परेशानी बार-बार सामने आ सकती है।
शारीरिक गतिविधियां हो जाती हैं कम
फोन पर वीडियो देखते हुए समय का पता नहीं चलता। इस वजह से लोग लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहते हैं और चलना-फिरना कम कर देते हैं। शारीरिक गतिविधियों की कमी से मांसपेशियों की ताकत और शरीर की फिटनेस प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, देर रात तक मोबाइल चलाने से नींद का समय भी बिगड़ सकता है।
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मोबाइल देखते समय किन बातों का रखें ध्यान?
गर्दन और पीठ को परेशानी से बचाने के लिए कुछ छोटी आदतें अपनाई जा सकती हैं।
- मोबाइल को आंखों के करीब ऊंचाई पर रखें, ताकि गर्दन बार-बार नीचे न झुकानी पड़े।
- लंबे समय तक लगातार फोन न देखें। बीच-बीच में ब्रेक लें और थोड़ी देर टहलें।
- बैठते समय पीठ को सहारा दें और शरीर की मुद्रा सही रखें।
- गर्दन और कंधों को आराम देने के लिए हल्की स्ट्रेचिंग करें।
- रोजाना टहलने और दूसरी शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकालें।
- रील्स देखने का समय तय करें और सोने से पहले फोन का इस्तेमाल कम करने की कोशिश करें।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
अगर गर्दन या पीठ का दर्द लगातार बना रहता है या हाथों में झनझनाहट, सुन्नपन अथवा कमजोरी महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लें। लक्षणों के आधार पर डॉक्टर जरूरत पड़ने पर न्यूरोसर्जन या अन्य विशेषज्ञ के पास जाने की सलाह दे सकते हैं। रील्स देखना अपने आप में रीढ़ की हड्डी की बीमारी या ऑस्टियोपोरोसिस का कारण नहीं है, लेकिन लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठे रहना दर्द और मांसपेशियों की परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए मनोरंजन के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।




















