महू के जंगल में पहले भी तेंदुआ कई लोगों पर हमला कर चुका है, लेकिन बुजुर्ग की सूझबूझ और साहस के चलते उन्होंने अपनी जान बचा ली। यह घटना जंगल से जुड़े इलाकों में सतर्कता की जरूरत को भी दर्शाती है।
घटना इंदौर के महू वन परिक्षेत्र के कुलशगढ़ इलाके की है, जहां डमाली कस्बे के 65 वर्षीय अर्जुन गावड़ गुरुवार शाम जंगल में बकरियां चरा रहे थे। बताया जा रहा है कि वह पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी पीछे से तेंदुए ने अचानक झपट्टा मार दिया। इस हमले से वह जमीन पर गिर पड़े और कुछ समय के लिए वे बेहोश हो गए।
हमले के बावजूद अर्जुन ने हिम्मत नहीं हारी और अपने हाथ में मौजूद डंडे से तेंदुए पर दो जोरदार वार किए। अचानक हुए इस जवाबी हमले से तेंदुआ घबरा गया और मौके से भाग निकला। हालांकि इस दौरान अर्जुन के कंधे पर गहरे घाव हो गए और काफी खून बहा।
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घटना के बाद अर्जुन ने अपने बेटे को फोन कर सूचना दी, जिसके बाद परिजन उन्हें घर लेकर आए। अगले दिन वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई। वन विभाग ने उन्हें अस्पताल पहुंचाकर इलाज कराया और तत्काल राहत के तौर पर आर्थिक सहायता भी दी। साथ ही इलाके में तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।