भोपाल। मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उमंग सिंघार के कार्यकाल के मंगलवार को दो वर्ष पूर्ण हो गए हैं। इस अवसर पर सिंघार ने कहा कि इन दो वर्षों में हमने विपक्ष की भूमिका को मजबूती देते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार को लगातार जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर कटघरे में खड़ा किया और सदन के साथ-साथ सड़कों पर भी जनहित की आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ अंतिम सांस तक लड़ना मेरा संकल्प है।
इस मौके पर सिंघार ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में इन दो सालों में परिवहन घोटाला, हजारों करोड़ के नल-जल घोटाले, मजदूरों के साथ धोखाधड़ी, आरक्षक भर्ती घोटाला, नौकरियों में फर्जीवाड़ा, बढ़ते कर्ज से प्रदेश की बदहाली, आदिवासियों के जमीन पट्टों का मामला, दलितों और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दे उठाए हैं। इसके साथ ही कुपोषण, किसानों की खाद किल्लत एवं एमएसपी, ओबीसी आरक्षण, कफ सिरप से मासूम बच्चों की मौत, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्होंने न केवल बड़े प्रदेशव्यापी विषयों पर सरकार को घेरा, बल्कि हर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े स्थानीय और जनहित के मुद्दों को भी विधायकदल के साथ सदन में मजबूती से रखा। सरकार को नींद से जगाने के उद्देश्य से विधानसभा परिसर में हर सत्र के दौरान अलग-अलग विषयों पर सांकेतिक प्रदर्शन कर जनता की पीड़ा को प्रतीकात्मक रूप से भी सामने रखा।
इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मुझ पर विश्वास जताकर नेता प्रतिपक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी, उसे मैं ईश्वर को साक्षी मानकर पूरी निष्ठा, ईमानदारी और निस्वार्थ भाव से निभाता आया हूं और आगे भी निभाऊंगा। उन्होंने कहा कि इन 2 वर्षों में मेरा हर कदम जनता के हक, सम्मान और न्याय के लिए समर्पित रहा है। विधानसभा से लेकर सड़क तक, किसान, युवा, आदिवासी, महिला, मजदूर, व्यापारी हर वर्ग और हर क्षेत्र की आवाज़ को मजबूती से उठाया है।