
कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसने अपराध की हाईटेक दुनिया का खतरनाक चेहरा सामने ला दिया है। क्राइम ब्रांच की एसआईटी की पूछताछ में सामने आया कि नागदा का शातिर आरोपी राजपाल चंद्रावत और गैंग का सक्रिय सदस्य हैरी बॉक्सर कॉल रिकॉर्डिंग से बचने के लिए FaceTime के जरिए बातचीत करते थे और यहीं से रंगदारी, फायरिंग और हमलों की साजिशें रची जाती थीं।
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डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी के मुताबिक राजपाल को खरगोन जेल से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। उसने खुलासा किया कि वह रिश्तेदार लोकेंद्र के जरिए हैरी बॉक्सर के संपर्क में आया और बाद में पंजाब में दोनों की मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों के बीच लगातार संपर्क बना रहा और हाईटेक माध्यमों से अपराध की योजनाएं तैयार होती रहीं।
10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी
जांच में यह भी सामने आया है कि राजपाल ने हैरी बॉक्सर के इशारे पर बायो-कॉटन कारोबारी दिलीपसिंह राठौर के घर फायरिंग करवाई थी और उससे 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इसके अलावा बिल्डर विवेक दम्मानी और प्रॉपर्टी ब्रोकर चेतनसिंह पंवार व कुंवरसिंह भूरिया की रेकी कराने का भी शक है।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी के रडार पर
इतना ही नहीं, राजपाल और उसका साथी योगेश भाटी पहले भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी के रडार पर रह चुके हैं। दोनों से मोहाली स्थित इंटेलिजेंस ऑफिस पर रॉकेट हमले के मामले में पूछताछ हो चुकी है। योगेश भाटी का नाम पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी सामने आ चुका है। पुलिस को शक है कि यह गिरोह न सिर्फ रंगदारी और फायरिंग की वारदातों में शामिल है, बल्कि हथियारों की सप्लाई का बड़ा नेटवर्क भी चला रहा है। हालांकि राजपाल अभी भी पूछताछ में चुप्पी साधे हुए है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस पूरे गैंग के कई और राज खुलेंगे।