
मध्यप्रदेश में संगठित अपराध की जड़ें हिलाने वाली बड़ी कार्रवाई में क्राइम ब्रांच ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क पर करारा प्रहार करते हुए उसके कथित मास्टरमाइंड राजपाल सिंह चंद्रावत को रिमांड पर ले लिया है। पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिनसे साफ है कि तिहाड़ जेल में बैठकर गैंग के विस्तार की खतरनाक साजिश रची गई थी। राजपाल, जो पहले से खरगोन जेल में बंद था, अब कई सनसनीखेज वारदातों की कड़ी बनकर सामने आया है।
इंदौर में मिल चुकी है कई व्यापारियों को धमकी
क्राइम ब्रांच के मुताबिक राजपाल पर बिल्डर विवेक दम्मानी, प्रॉपर्टी ब्रोकर चेतनसिंह पंवार और कुंवरसिंह भूरिया की रेकी कर हमले की साजिश रचने का शक है। 14 अप्रैल को दम्मानी को विदेशी नंबरों से कॉल कर 5 करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी। कॉल करने वाले हैरी बॉक्सर ने न सिर्फ दम्मानी को गोली मारने की धमकी दी, बल्कि उनके बेटे की लोकेशन तक बताकर दहशत फैलाने की कोशिश की।
रकम न मिलने पर बदमाशों ने की घर पर फायरिंग
डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी के अनुसार, भीलगांव के कॉटन कारोबारी दिलीपसिंह राठौर से भी 10 करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी। रकम न मिलने पर बदमाशों ने उनके घर पर फायरिंग कर दी, जिसमें राजपाल की भूमिका सामने आई है। पुलिस का दावा है कि उसी ने स्थानीय गुर्गों को सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिलवाया।
राजपाल ने तिहाड़ जेल में लॉरेंस बिश्नोई से मुलाकात
जांच में यह भी सामने आया है कि राजपाल ने तिहाड़ जेल में लॉरेंस बिश्नोई से मुलाकात की थी और वहीं से गैंग का मध्यप्रदेश में विस्तार करने की रणनीति बनाई गई। इसके बाद उज्जैन और धार के बदमाशों के जरिए रेकी करवाई गई और देवास के शूटर से फायरिंग करवाई गई। पुलिस दबाव बढ़ता देख राजपाल ने नागदा में नाटकीय अंदाज में सरेंडर किया, लेकिन अब पूछताछ में कई बड़े राज खुलने की उम्मीद है।
इन्हे आ चुकी हैं धमकी