
इंदौर में गुरुवार शाम बच्चों के अपहरण की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने चंद घंटों में पर्दाफाश कर दिया। घर के पास बगीचे में खेल रहे दो मासूमों को निशाना बनाकर चार आरोपियों दो युवक और दो युवतियों जिसमे विनीत पिता राजेश (22 वर्ष) निवासी तिलक नगर राधिका पिता राजेश (18 वर्ष) निवासी सहकार नगर , ललित पिता दशरथ सेन (21 वर्ष) निवासी दत्त नगर , तनीषा पति ललित (21 वर्ष) निवासी सदर ने सुनियोजित तरीके से अगवा किया और फिरौती की मांग कर दहशत फैला दी। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले दो दिनों से इलाके की रेकी कर रहे थे और बच्चों के हाव-भाव देखकर उन्हें आसान शिकार समझ लिया। हैरानी की बात यह रही कि कर्ज में डूबे इन आरोपियों ने पैसों की हवस में मासूमों को निशाना बनाया। इस गिरोह में शामिल राधिका नाम की युवती फ्लिपकार्ट में काम करती है। पुलिस ने महज 5 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहरण की साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
गुरुवार शाम करीब 7:40 बजे इंदौर में खौफनाक साजिश को अंजाम दिया गया, जब बगीचे में खेल रहे मासूम नैतिक (डुग्गु) और सम्राट को एक युवती बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई। रात 8 बजे तक बच्चे घर नहीं लौटे तो परिवार में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर साफ दिखा कि दोनों बच्चे एक युवती के साथ बगीचे से बाहर निकलते हैं और थोड़ी दूरी पर एक कैब में बैठकर फरार हो जाते हैं।
रात 11 बजे के बाद मामला और भयावह हो गया, जब नैतिक की मां के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल के जरिए 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। कॉल करने वाली युवती ने धमकी दी कि रकम नहीं दी तो बच्चों को दूर ले जाया जाएगा। एक के बाद एक कई कॉल्स ने परिवार को दहशत में डाल दिया। इस बीच एसीपी तुषार सिंह ने परिजनों से रकम जुटाने को कहा, जिससे मोहल्ले में आक्रोश फैल गया क्योंकि दोनों परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। पड़ोसियों ने मिलकर करीब साढ़े सात लाख रुपये तक जुटा लिए, जबकि बच्चों की मांओं का रो-रोकर बुरा हाल था।
इधर, पुलिस ने बिना शोर किए तकनीकी जाल बिछाया और मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी व सर्विलांस के जरिए दत्त नगर में दबिश दी। देर रात कार्रवाई करते हुए अपहरण में शामिल युवती को धर दबोचा गया और दोनों बच्चों को सकुशल छुड़ा लिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पिछले कई दिनों से बच्चों को टारगेट कर रहे थे। वे मासूमों को पिल्ले, खरगोश और अन्य जानवर दिखाने का लालच देकर अपने जाल में फंसा रहे थे।
लालच का जाल बिछाकर मासूमों को फंसाया:
इस खौफनाक अपहरण की साजिश बेहद चालाकी से रची गई थी, जहां आरोपियों ने मासूम बच्चों की मासूमियत को ही हथियार बना लिया। नैतिक के चाचा राहुल सोनकर के अनुसार, बच्चे रोज की तरह मोहल्ले के बगीचे में खेलने जाते थे, जहां पिछले तीन-चार दिनों से एक संदिग्ध युवती लगातार मंडरा रही थी। वह धीरे-धीरे बच्चों से घुल-मिल गई और भरोसा जीतने के बाद उन्हें अपने जाल में फंसाने लगी। युवती बच्चों को पिल्ले, कबूतर, सफेद चूहे, खरगोश और बिल्ली जैसे जानवरों की कहानियां सुनाकर उन्हें लुभाती थी।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने साजिश को और मजबूत बनाने के लिए बच्चों को मोबाइल पर जानवरों के वीडियो भी दिखाए। उनके साथ एक युवक भी आता था, जो बच्चों को लालच देता कि उनके साथ चलो तो ये सभी जानवर और पिंजरे गिफ्ट में मिलेंगे। इस सुनियोजित चाल में फंसकर मासूम बच्चे बिना खतरे को समझे उनके साथ चले गए। पुलिस मान रही है कि इसी सोची-समझी योजना के तहत आरोपियों ने बच्चों को बहलाकर अगवा किया।