सीहोर : सीवन तट से कुबेरेश्वरधाम तक सोमवार को गूंजेगा हर-हर महादेव, 11 किमी की भव्य कांवड़ यात्रा में उमड़ेगी आस्था
सीहोर। सावन सोमवार पर सीहोर एक बार फिर शिवमय होने जा रहा है। सोमवार को सीवन नदी के पावन तट से कुबेरेश्वरधाम तक 11 किलोमीटर लंबी भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। हजारों शिवभक्त पवित्र जल लेकर "हर-हर महादेव" और "श्री शिवाय नमस्तुभ्यं" के जयघोष के साथ पैदल यात्रा करेंगे। धूप हो या बारिश, आस्था की यह डगर शिवभक्तों के उत्साह को और अधिक प्रखर बना रही है। प्रशासन, विठलेश सेवा समिति और सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।
सावन सोमवार पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब
सावन माह का प्रत्येक सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसी कड़ी में सोमवार को सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह दिखाई दे रहा है। पिछले कई दिनों से देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले शिवभक्त सीवन नदी से पवित्र जल भरकर पैदल कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयघोषों से वातावरण को शिवमय बना रहे हैं।
चार सोमवार निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा
विठलेश सेवा समिति के अनुसार इस वर्ष सावन माह में चार भव्य कांवड़ यात्राएं आयोजित की जा रही हैं। तीन अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 25 अगस्त को श्रद्धालु सीवन नदी से जल लेकर कुबेरेश्वरधाम पहुंचेंगे। प्रत्येक सोमवार हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। अंतिम यात्रा 25 अगस्त को विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के साथ अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा भी सीवन तट से पदयात्रा करते हुए कुबेरेश्वरधाम पहुंचेंगे। वहां भगवान शिव की विशेष आरती संपन्न होगी।
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धूप और बारिश भी नहीं डिगा पा रही श्रद्धा
सावन की बदलती फिजाओं के बीच शिवभक्तों का उत्साह देखने लायक है। कभी तेज धूप तो कभी बारिश की फुहारों के बावजूद कांवड़ यात्री पूरे जोश के साथ 11 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी कर रहे हैं। कंधों पर कांवड़, हाथों में आस्था और होठों पर "हर-हर महादेव" का जयघोष यात्रा को अद्भुत आध्यात्मिक स्वरूप दे रहा है। रास्ते में स्थानीय लोग श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा और स्वागत-सत्कार कर उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं।
सेवा पंडालों में मिलेगा फलाहार, चाय और भोजन
कांवड़ यात्रियों की सेवा के लिए पूरे मार्ग पर अनेक सेवा शिविर स्थापित किए गए हैं। इन पंडालों में श्रद्धालुओं को नि:शुल्क पेयजल, फलाहारी प्रसाद, चाय और भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। स्थानीय सामाजिक संगठन, व्यापारी, स्वयंसेवी संस्थाएं और शिवभक्त पूरे सेवाभाव के साथ यात्रियों की सहायता में जुटे हुए हैं। वहीं कुबेरेश्वरधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशाल नि:शुल्क भंडारे की व्यवस्था भी की गई है।
समिति और प्रशासन ने संभाली व्यवस्थाओं की कमान
यात्रा को सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन और विठलेश सेवा समिति ने संयुक्त रूप से व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, चिकित्सा सहायता, पेयजल, साफ-सफाई और आपातकालीन सेवाओं की विशेष व्यवस्था की गई है। विठलेश सेवा समिति के पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अनेक सेवादार लगातार धाम में श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हुए हैं।
महादेव की कृपा जीवन का हर अंधेरा मिटा देती है : पंडित प्रदीप मिश्रा
अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने सावन माह में शिवभक्ति का महत्व बताते हुए कहा कि जिसके सिर पर महादेव का हाथ होता है, उसके जीवन का हर अंधेरा प्रकाश में बदल जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सच्चे मन और श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव भाव के भूखे हैं और श्रद्धा से अर्पित किया गया एक लोटा जल भी भक्त के जीवन को धन्य बना सकता है।
शिवभक्ति से सराबोर रहेगा पूरा यात्रा मार्ग
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि सोमवार की कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। यात्रा को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। सीवन नदी से कुबेरेश्वरधाम तक का पूरा मार्ग सोमवार को भक्ति, सेवा और आस्था के अद्भुत संगम का साक्षी बनेगा। हजारों कदम जब एक साथ "हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ आगे बढ़ेंगे तो पूरा सीहोर शिवमय वातावरण में डूबा नजर आएगा।
Edited By- Aakash Waghmare















