सीहोर : चार लाख श्रद्धालुओं से गूंजा कुबेरेश्वरधाम, 11 अगस्त को विश्वभर में होगा ऑनलाइन शिव अभिषेक महाआयोजन
सीहोर। जिला मुख्यालय के समीप स्थित कुबेरेश्वरधाम में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान रविवार को श्रद्धा और भक्ति का ऐसा अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे परिसर को शिवमय बना दिया। देशभर से पहुंचे चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारविंद से शिव महापुराण कथा का श्रवण किया। हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा धाम गूंज उठा। आयोजन समिति और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं कीं।
चार लाख श्रद्धालुओं ने रचा आस्था का नया इतिहास
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन कुबेरेश्वरधाम में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की कथा सुनकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। विशाल जनसमूह के बावजूद पूरे परिसर में अनुशासन और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। हर ओर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष सुनाई देते रहे।
भक्ति से मिटते हैं जीवन के सभी दुख-पंडित प्रदीप मिश्रा
अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा कि जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान शिव पर विश्वास करता है, उसके जीवन के दुख शिव कृपा से दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है, लेकिन भगवान शिव की आराधना, पूजा और सच्ची भक्ति जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करती है। यदि कठिनाइयां आती भी हैं तो शिव कृपा उन्हें सहने की शक्ति देती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और नियमित रूप से शिव भक्ति में लीन रहने का आह्वान किया।
11 अगस्त को होगा विश्वव्यापी ऑनलाइन शिव अभिषेक
व्यासपीठ से घोषणा की गई कि आगामी 11 अगस्त को सावन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर विश्वव्यापी ऑनलाइन शिव अभिषेक का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में देश ही नहीं बल्कि विदेशों में रहने वाले लाखों श्रद्धालु भी अपने-अपने घरों से भगवान शिव का अभिषेक कर इस आध्यात्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बनेंगे। आयोजन समिति ने इसे विश्व स्तर पर शिवभक्ति का ऐतिहासिक अभियान बताया।
अच्छे कर्मों का प्रभाव पीढ़ियों तक रहता है
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जिस प्रकार परिवार में कुछ बीमारियां पीढ़ी दर पीढ़ी प्रभाव छोड़ती हैं, उसी प्रकार भक्ति, सत्संग, सेवा और अच्छे कर्मों का सकारात्मक प्रभाव भी पूरे परिवार पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि पूर्व जन्मों के कर्मों का फल प्रत्येक व्यक्ति को भोगना पड़ता है, इसलिए जीवन में बुरे कर्मों का त्याग कर सेवा, परोपकार और भगवान की भक्ति को अपनाना चाहिए। ऐसा करने से परिवार का वातावरण स्वर्ग के समान बन जाता है।
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कांवड़ यात्रियों की सेवा करने वाले हैं भगवान शिव के सच्चे सेवक
अपने प्रवचन के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कांवड़ यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि जो लोग कांवड़ यात्रियों के लिए नि:शुल्क भोजन, चाय, फलाहार और पेयजल जैसी व्यवस्थाएं करते हैं, वे भगवान शिव के सच्चे सेवक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को भगवान केवल धन ही नहीं देते, बल्कि सेवा का विशाल हृदय भी प्रदान करते हैं, जिससे वे हजारों श्रद्धालुओं की निस्वार्थ सेवा कर पाते हैं।
सच्चा गुरु शिष्य का जीवन बनाता है सार्थक
कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने कहा कि गुरु का उद्देश्य शिष्य को भगवान की शरण तक पहुंचाना होता है। गुरु को शिष्य के धन, वैभव या सत्ता से कोई सरोकार नहीं होता, बल्कि उसका एकमात्र लक्ष्य शिष्य के जीवन को सफल और कल्याणकारी बनाना होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरु के बताए मार्ग पर चलने, सत्संग से जुड़े रहने और ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा बनाए रखने का संदेश दिया।
भक्ति के साथ सेवा का भी दिखा अद्भुत संगम
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित 'मामा' ने बताया कि लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए हजारों सेवादारों के साथ जिला प्रशासन भोजन प्रसादी, चिकित्सा, सुरक्षा, यातायात, पेयजल, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित कर रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर स्तर पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिससे पूरे आयोजन में भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
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शिवमय वातावरण में गूंजता रहा पूरा कुबेरेश्वरधाम
रविवार को पूरे दिन कुबेरेश्वरधाम शिवभक्ति के रंग में रंगा रहा। लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति, हर-हर महादेव के जयघोष, शिव महापुराण की दिव्य कथा और सेवादारों की निस्वार्थ सेवा ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। अब श्रद्धालुओं की निगाहें 11 अगस्त को होने वाले विश्वव्यापी ऑनलाइन शिव अभिषेक पर टिकी हैं, जिसे लेकर देश-विदेश में उत्साह का माहौल है।














