Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

अब नहीं होंगे शुभ काम!15 मार्च से शुरू हो रहा है खरमास

मार्च के महीने के साथ ही हिंदू पंचांग में एक ऐसा समय शुरू होने जा रहा है, जब घरों में शादियों की शहनाई कुछ दिनों के लिए थम जाती है। मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है और लोग पूजा-पाठ, दान और भक्ति की ओर ज्यादा ध्यान देने लगते हैं। इस खास अवधि को खरमास या मलमास कहा जाता है।
15 मार्च से शुरू हो रहा है खरमास
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मार्च के महीने के साथ ही हिंदू पंचांग में एक ऐसा समय शुरू होने जा रहा है, जब घरों में शादियों की शहनाई कुछ दिनों के लिए थम जाती है। साल 2026 में 15 मार्च से 13 अप्रैल तक खरमास यानी मलमास का समय रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार जब सूर्य देव गुरु (बृहस्पति) की राशि मीन में प्रवेश करते हैं, तब इस अवधि को खरमास कहा जाता है। इस दौरान सूर्य की ऊर्जा कमजोर मानी जाती है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।

    यह भी पढ़ें: हिंदू धर्म में ये दिन माने जाते हैं अशुभ, नहीं होते शुभ-मांगलिक कार्य

    धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक यह समय अशुभ कार्यों के लिए नहीं, बल्कि भगवान विष्णु की पूजा, दान-पुण्य और आत्मचिंतन के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

    यह भी पढ़ें: Kharmas 2025 : 16 दिसंबर से शुरू हो रहा खरमास, जानिए नए कपड़े खरीदना शुभ है या नहीं

    क्या होता है खरमास और क्यों है खास?

    हिंदू धर्म में साल में दो बार खरमास आता है। जब सूर्य देव बृहस्पति की राशियों- धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तब यह अवधि बनती है।
    मान्यता है कि इस समय सूर्य की शक्ति और प्रभाव कुछ कम हो जाता है। इसी कारण जीवन के बड़े और शुभ काम जैसे शादी, गृह प्रवेश या नए कारोबार की शुरुआत को टाल दिया जाता है।

    धार्मिक दृष्टि से यह महीना लोगों को भौतिक कामों से थोड़ा विराम लेकर आध्यात्मिक जीवन की ओर ध्यान देने का संदेश देता है।

    खरमास को अशुभ मानने के पीछे कारण

    1. सूर्य की स्थिति कमजोर मानी जाती है- ज्योतिष के अनुसार जब सूर्य देव गुरु की राशियों में प्रवेश करते हैं, तो उनकी तेजस्विता कम हो जाती है। सूर्य को ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए उनकी कमजोर स्थिति को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।
    2. पौराणिक कथा से जुड़ी मान्यता- एक कथा के अनुसार सूर्य देव का रथ सात घोड़ों से चलता है। लेकिन खरमास के समय रथ के घोड़े थक जाते हैं और उनकी जगह गधे (खर) रथ को खींचते हैं। इससे रथ की गति धीमी हो जाती है। इसी वजह से इस महीने को खरमास कहा गया और इसे शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना गया।
    3. सफलता की संभावना कम मानी जाती है- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय शुरू किए गए बड़े कामों में रुकावट या असफलता आने की आशंका ज्यादा रहती है। इसलिए लोग सावधानी के तौर पर बड़े फैसले टाल देते हैं।

    खरमास में क्या काम नहीं करें?

    खरमास के दौरान कई मांगलिक कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है।

    • विवाह और सगाई- इस समय शादी करना या शादी की बात पक्की करना शुभ नहीं माना जाता।
    • गृह प्रवेश- नए घर में प्रवेश या मकान का निर्माण शुरू करने से परहेज किया जाता है।
    • धार्मिक संस्कार- मुंडन, जनेऊ, नामकरण जैसे संस्कार इस अवधि में नहीं किए जाते।
    • नया कारोबार- नया बिजनेस शुरू करना या बड़ा निवेश करने से भी लोग बचते हैं।
    • वाहन या संपत्ति खरीदना- नया घर, प्लॉट या वाहन खरीदना भी इस समय टाल दिया जाता है।
    • तामसिक भोजन- मांस और मदिरा जैसे भोजन से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

    क्या करना माना जाता है शुभ?

    जहां एक ओर मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है, वहीं दूसरी ओर यह समय धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए बहुत शुभ माना जाता है।

    • भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा- खरमास में भगवान विष्णु की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। साथ ही सूर्य देव को जल अर्पित करना और उनकी आराधना करना भी शुभ माना जाता है।
    • दान-पुण्य करना- जरूरतमंद लोगों को अन्न, कपड़े, घी और धन का दान करना पुण्यदायी माना जाता है। कहा जाता है कि इस समय किया गया दान कई गुना फल देता है।
    • धार्मिक ग्रंथों का पाठ- श्रीमद्भागवत गीता, विष्णु सहस्त्रनाम या अन्य धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना मन को शांति देता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास को केवल अशुभ मानना पूरी तरह सही नहीं है। यह समय इंसान को रुककर खुद के भीतर झांकने, साधना करने और भगवान के करीब जाने का अवसर देता है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

    Latest Posts