West Bengal:स्कूल, कॉलेज और मंदिरों के पास नहीं खुलेंगी शराब की दुकानें... बोले-सीएम शुभेंदु अधिकारी

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कल्याणी में आयोजित कार्यक्रम में नई शराब नीति का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक और धार्मिक स्थलों के आसपास शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी। सरकार 27 मई से अन्नपूर्णा योजना के फॉर्म भी जारी करेगी, जिसके तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी।
स्कूल और मंदिरों के आसपास नहीं मिलेगी अनुमति
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा कि राज्य में स्कूल, कॉलेज और मंदिरों के पास शराब की दुकानें खोलने की मंजूरी नहीं दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए एक किलोमीटर की सीमा तय की है। उनका मानना है कि इससे छात्रों और युवाओं पर गलत प्रभाव कम होगा। धार्मिक स्थलों की गरिमा भी बनी रहेगी। इस फैसले को लेकर सामाजिक संगठनों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
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महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 3 हजार रुपए
सरकार ने अन्नपूर्णा योजना को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 मई से योजना के आवेदन फॉर्म जारी किए जाएंगे। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कई राज्यों में पहले से लागू है शराबबंदी
बता दें कि देश के कई राज्यों में पहले से शराबबंदी लागू है। बिहार में वर्ष 2016 से शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक है। वहीं गुजरात, नागालैंड और मिजोरम में भी शराबबंदी कानून लागू किया गया है। इन राज्यों में सरकारों ने सामाजिक सुधार को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाए थे। अब बंगाल सरकार के फैसले को भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी असर
सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2016 में हाईवे के 500 मीटर दायरे में शराब की दुकानें बंद करने का आदेश दिया था। बाद में अदालत ने धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास शराब बिक्री को लेकर भी सख्त टिप्पणी की थी। बंगाल सरकार का नया फैसला उसी सोच को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।












