MP News:मध्यप्रदेश सरकार फिर ले रही 2800 करोड़ का कर्ज, विकास योजनाओं पर रहेगा फोकस

भोपाल। राज्य सरकार 1600 करोड़ और 1200 करोड़ रुपए की दो अलग-अलग किस्तों में कर्ज उठाएगी। आरबीआई के जरिए बॉन्ड जारी कर यह राशि जुटाई जाएगी। वित्त वर्ष में अब तक सरकार कुल 9200 करोड़ रुपए का ऋण ले चुकी है। सरकार के मुताबिक इस धनराशि का उपयोग सिंचाई, ऊर्जा, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में किया जाएगा।
दो चरणों में लिया जाएगा लोन
वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार 2800 करोड़ रुपए का कर्ज दो हिस्सों में लेगी। पहली राशि 1600 करोड़ रुपए की होगी, जिस पर 7.64 प्रतिशत ब्याज दर तय की गई है। वहीं दूसरी किस्त 1200 करोड़ रुपए की होगी, जिस पर 7.83 प्रतिशत ब्याज देना होगा। दोनों लोन मध्यप्रदेश राज्य विकास ऋण योजना के तहत लिए जा रहे हैं। इसके लिए आरबीआई बॉन्ड जारी कर प्रक्रिया पूरी करेगा।
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अलग-अलग अवधि के लिए तय हुई अदायगी
सरकार द्वारा लिया जा रहा पहला कर्ज वर्ष 2034 तक के लिए रहेगा। वहीं दूसरा ऋण वर्ष 2048 तक यानी लंबी अवधि के लिए लिया गया है। दोनों ऋणों का भुगतान छह माही किस्तों में अप्रैल और अक्टूबर के दौरान किया जाएगा। आरबीआई सिक्योरिटी की नीलामी कर पूरी प्रक्रिया संपन्न कराएगा। भुगतान प्रक्रिया 27 मई 2026 तक पूरी होने की संभावना है।
2026-27 में कर्ज का आंकड़ा 9200 करोड़ रुपए पहुंचा
प्रदेश सरकार ने इस वित्त वर्ष की शुरुआत से ही लोन लेना शुरू कर दिया था। अप्रैल महीने में सरकार ने दो बार चार किस्तों में 4600 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। इसके बाद मई में 1800 करोड़ रुपए का ऋण लिया गया। अब 2800 करोड़ रुपए का नया कर्ज लिया जा रहा है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2026-27 में कुल कर्ज का आंकड़ा 9200 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
विकास योजनाओं में खर्च होगी राशि
सरकार का कहना है कि बॉन्ड के जरिए जुटाई गई राशि का उपयोग राज्य की विकास परियोजनाओं में किया जाएगा। सिंचाई, ऊर्जा, कृषि और आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। राजपत्र में जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में प्रदेश की राजस्व प्राप्ति और व्यय लगभग 2.79 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। सरकार का दावा है कि विकास कार्यों को गति देने के लिए यह कर्ज जरूरी है।












