PlayBreaking News

खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा पत्र,महिला आरक्षण बिल पर सर्वदलीय बैठक की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महिला आरक्षण बिल और परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने सरकार पर बिना विपक्ष को विश्वास में लिए विशेष सत्र बुलाने का आरोप लगाया और कहा कि महत्वपूर्ण संवैधानिक बदलावों पर व्यापक चर्चा जरूरी है
Follow on Google News
महिला आरक्षण बिल पर सर्वदलीय बैठक की मांग
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली में राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई जब कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक और उससे जुड़े परिसीमन (constituencies) जैसे संवैधानिक मुद्दों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। खड़गे ने अपने पत्र में सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना विपक्ष को विश्वास में लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, जो सही प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इतने महत्वपूर्ण विषयों पर पहले व्यापक चर्चा होनी चाहिए थी।

    विशेष सत्र को लेकर विपक्ष की आपत्ति

    कांग्रेस नेता ने कहा कि 16 अप्रैल से शुरू होने वाला संसद का विशेष सत्र महिला आरक्षण संशोधन बिल पर केंद्रित है, लेकिन इसके साथ जुड़े परिसीमन जैसे मुद्दों पर सरकार ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। उनका कहना है कि बिना पूरी जानकारी के किसी भी बड़े संवैधानिक बदलाव पर सार्थक चर्चा संभव नहीं है। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार ने राजनीतिक दलों को भरोसे में लिए बिना यह कदम उठाया है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि 29 अप्रैल 2026 के बाद सभी दलों की बैठक बुलाई जाए ताकि इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके।

    महिला आरक्षण और परिसीमन पर विवाद

    पत्र में खड़गे ने लिखा, 'मुझे अभी-अभी 16 अप्रैल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए संसद के स्पेशल सेशन पर आपका लेटर मिला है। पत्र में लिखा कि अगर स्पेशल सिटिंग का मतलब 'हमारे डेमोक्रेसी को मजबूत करना' और 'सबको साथ लेकर आगे बढ़ना' है, जैसा कि आपने लेटर में लिखा है, तो मेरा सुझाव है कि सरकार 29 अप्रैल के बाद कभी भी एक ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाए ताकि डिलिमिटेशन के मुद्दे पर चर्चा की जा सके, जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में बदलाव से जोड़ा जा रहा है। 

    Twitter Post

    क्यों उठ रहे सवाल ? 

    सरकार ने महिला आरक्षण से जुड़े नियमों में दो बड़े बदलाव करने की योजना बनाई है। 2023 के ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत महिलाओं के लिए आरक्षण को नई जनगणना और परिसीमन (सीटों के पुनर्निर्धारण) से जोड़ा गया है। लेकिन जनगणना में देरी हो रही है, इसलिए अब इसे 2011 की पुरानी जनगणना के आंकड़ों के आधार पर आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। इस मुद्दे पर कांग्रेस का कहना है कि जब तक परिसीमन और बाकी बदलावों पर पूरी तरह स्पष्ट चर्चा नहीं होती, तब तक इस कानून पर आगे बढ़ना सही नहीं होगा। 

    ये भी पढ़ें: नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्रकुमार TMC में शामिल हुए, कहा-भाजपा की सोच स्वीकार नहीं

    जयराम रमेश का बयान भी आया सामने

    कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी जयराम रमेश ने यह भी कहा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनाव कैंपेन के दौरान स्पेशल पार्लियामेंट सेशन बुलाया जा रहा है, इसे उन्होंने मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन बताया। उन्होंने महिला रिजर्वेशन बिल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए 29 अप्रैल, 2026 के बाद ऑल-पार्टी मीटिंग की विपक्ष की मांग दोहराई।

    एक्स पर एक पोस्ट में रमेश ने लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार अभियान के बीच अगले हफ्ते बुलाए जा रहे संसद के विशेष सत्र पर पीएम को लिखा, 'ये मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का साफ उल्लंघन है। उन्होंने 29 अप्रैल, 2026 के बाद कभी भी ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाने के लिए विपक्ष की रिक्वेस्ट दोहराई है।

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts